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निर्यात में 60.28 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट, व्यापार घाटा चार साल में सबसे कम

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में आयात भी 58.65 प्रतिशत घटकर 17.12 अरब डॉलर रह गया। एक साल पहले इसी महीने में यह 41.4 अरब डॉलर था।

निर्यात में 60.28 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट, व्यापार घाटा चार साल में सबसे कम
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नयी दिल्ली, 15 मई कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये लागू ‘लॉकडाउन’ (बंद) के चलते अप्रैल में देश का निर्यात 60.28 प्रतिशत घटकर 10.36 अरब डॉलर रह गया। किसी एक माह के दौरान यह निर्यात में रिकॉर्ड गिरावट है। साथ ही यह लगातार दूसरा महीना है जबकि निर्यात में गिरावट आई है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में आयात भी 58.65 प्रतिशत घटकर 17.12 अरब डॉलर रह गया। एक साल पहले इसी महीने में यह 41.4 अरब डॉलर था।

आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में व्यापार घाटा कम होकर 6.76 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 2019 के इसी महीने में 15.33 अरब डॉलर था।

मई, 2016 के बाद यह व्यापार घाटे का सबसे निचला स्तर है।

मार्च, 2020 में देश का निर्यात 34.57 प्रतिशत घटा था।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘निर्यात में गिरावट की प्रमुख वजह मौजूदा वैश्विक सुस्ती है। कोविड-19 संकट की वजह से यह और बढ़ी है। इस महामारी की वजह से आपूर्ति श्रृंखला और मांग बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे बड़ी संख्या में ऑर्डर रद्द हुए हैं।’’

समीक्षाधीन महीने में लौह अयस्क और फार्मास्युटिकल्स को छोड़कर शेष सभी 28 प्रमुख क्षेत्रों का निर्यात घटा है।

रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 98.74 प्रतिशत घटा। चमड़ा निर्यात में 93.28 प्रतिशत, पेट्रोलियम उत्पादों में 66.22 प्रतिशत और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में 64.76 प्रतिशत की गिरावट आई।

इस दौरान रसायन निर्यात 42 प्रतिशत नीचे आ गया। अप्रैल में कच्चे तेल का आयात 4.66 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले साल इसी महीने की तुलना में 59.03 प्रतिशत कम है।

समीक्षाधीन महीने में सभी प्रमुख आयात क्षेत्रों मसलन सोना, चांदी, परिवहन उपकरण, कोयला, उर्वरक, मशीन और मशीन उपकरणों के आयात में गिरावट आई।

इस दौरान गैर-तेल आयात 58.5 प्रतिशत घटकर 12.46 अरब डॉलर रहा। सोने का आयात 28.3 करोड़ डॉलर रहा, जो एक साल पहले समान महीने में चार अरब डॉलर था। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राष्ट्रव्यापी बंद 25 मार्च से लागू है। इसके चलते औद्योगिक इकाइयां बंद हैं और वस्तुओं की आवाजाही नहीं हो पा रही है।

निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा कि दुनियाभर में लॉकडाउन की वजह से न केवल कारोबारी धारणा अपने निचले स्तर पर आ गई है, बल्कि इससे आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से निर्यात सुधरेगा। हालांकि, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।’’’

सराफ ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, स्पेन और बांग्लादेश ने अपने उद्योगों को इस कठिन समय से उबारने के लिए राहत या वित्तीय प्रोत्साहन दिया है। उम्मीद है कि इससे कुल अंतरराट्रीय व्यापार के लिए अच्छी खबर मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘70 से 80 प्रतिशत ऑर्डर रद्द हो गए हैं, नौकरियों जा रही हैं और डूबा कर्ज बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार को घोषित आर्थिक उपायों को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू करना चाहिए।’’

इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कृषि निर्यात प्रोत्साहन के उपायों की घोषणा की। भारतीय व्यापार संवर्द्धन परिषद (टीपीसीआई) के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि इस घोषणा से भारत को 100 अरब डॉलर के कृषि निर्यात का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 10:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).