जरुरी जानकारी | 5जी से व्यवहार्य कारोबारी मॉडल मिलेगा, भारतीय बाजार में जल्द पेशकश की उम्मीद: ट्राई सचिव

नयी दिल्ली, 10 दिसंबर दूरसंचार नियामक ट्राई के सचिव ने गुरुवार को कहा कि पांचवीं पीढ़ी की प्रौद्योगिकी व्यवहार्य और किफायती कारोबारी मॉडल की पेशकश करती है और भारत के लिए यह खासतौर से उपयोगी है, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि 5जी सेवाओं को बहुत जल्द भारतीय बाजार में पेश किया जाएगा।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के सचिव एस के गुप्ता ने स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारण के मुद्दे पर कहा कि नियामक ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर कोशिश की है कि रेडियोवेव की कीमत वाजिब और बाजार के अनुकूल रहे।

यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: फिरोजाबाद में शादी के बाद दुल्हन समेत पाए गए 9 लोग कोरोना पॉजिटिव, दूल्हे की मौत.

गौरतलब है कि भारतीय कंपनियों ने स्पेक्ट्रम को महंगा बताया है।

गुप्ता ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2020 में कहा कि ट्राई ने पहले ही 3,300-3,600 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए अपनी सिफारिश की है, जो दूरसंचार विभाग के तहत विचाराधीन है और उम्मीद है कि नीलामी जल्द ही आयोजित की जाएगी।

यह भी पढ़े | PNR Status On WhatsApp: रेल यात्री अब व्हाट्सएप पर चेक कर पाएंगे PNR स्टेटस और यात्रा की पूरी डिटेल्स, जानिए कैसे.

उन्होंने कहा कि 5जी सेवाओं को लागू करने के लिए मिलीमीटर वेव बैंड में स्पेक्ट्रम की पहचान करना महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में ट्राई को डॉट से जल्द ही टिप्पणी मिलने की उम्मीद है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि 5जी से आमूलचूल बदलाव होगा, जो भारत के लिए खासतौर से उपयोगी है और व्यवहार्य तथा किफायती कारोबारी मॉडल मुहैया कराता है। मैं बहुत आशावादी हूं और उम्मीद है कि 5जी को बहुत जल्द भारतीय बाजार में पेश किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि ई और वी बैंड में स्पेक्ट्रम के आवंटन से सस्ती कीमतों पर तेजी के साथ 5जी सेवाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)