लॉकडाउन के दौरान जेलों से 42,259 विचाराधीन कैदियों को किया गया रिहा : नालसा रिपोर्ट
क्षमता से अधिक भरे जेलों में कोरोना वायरस फैलने का खतरा अधिक था, जिसके मद्देनजर कैदियों को रिहा करने को निर्णय लिया गया।
नयी दिल्ली, 15 मई कोरोना वायरस के कारण देश में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान जेल में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए पिछले डेढ महीने में 42,259 विचाराधीन कैदियों को देश भर की जेलों से रिहा किया गया है।
क्षमता से अधिक भरे जेलों में कोरोना वायरस फैलने का खतरा अधिक था, जिसके मद्देनजर कैदियों को रिहा करने को निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 9,977 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया। इसके बाद राजस्थान से 5,460,तमिलनाडु से 4,547, पंजाब से 3,698, महाराष्ट्र से 3,400, मध्य प्रदेश से 2,833, दिल्ली से 2,177, हरियाणा से 1,843, पश्चिम बंगाल से 1,715 और छत्तीसगढ़ से 1,643 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समितियों के सुझावों पर इन विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है।
शीर्ष अदालत ने 23 मार्च को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को उच्चाधिकार प्राप्त समितियों का गठन करने का निर्देश दिया था, जो कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान कैदियों को अंतरिम जमानत या पैरोल पर रिहा करने का निर्णय ले।
रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान 16,391 कैदियों को पैरोल आदि पर रिहा किया गया।
मध्य प्रदेश से पैरोल पर सबसे अधिक 3,577 लोगों को रिहा किया गया। इसके बाद पंजाब से 3,479, हरियाण से 2,859, उत्तर प्रदेश से 1,989, केरल से 1,128, दिल्ली से 1,010, पश्चिम बंगाल से 488 और कर्नाटक से 405 लोगों को पैराल पर रिहा किया गया।
वहीं छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और ओडिशा से क्रमश : 334, 228, 182, 133 और 103 कैदियों को पैराल पर रिहा किया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 11:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

