जरुरी जानकारी | बिजली वितरण कंपनियों की हालत सुधारने के लिए 3.05 लाख करोड़ रुपये की योजना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वितरण बिजली कंपनियों को पटरी पर लाने को लेकर पांच साल के लिये 3.05 लाख करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव किया। साथ ही ग्राहकों को विभिन्न सेवा प्रदाताओं में से चुनने का विकल्प देने के लिये व्यवस्था बनाये जाने की घोषणा की।

नयी दिल्ली, एक फरवरी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वितरण बिजली कंपनियों को पटरी पर लाने को लेकर पांच साल के लिये 3.05 लाख करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव किया। साथ ही ग्राहकों को विभिन्न सेवा प्रदाताओं में से चुनने का विकल्प देने के लिये व्यवस्था बनाये जाने की घोषणा की।

इन दोनों घोषणाओं का लक्ष्य केंद्र सरकार की योजना के अनुसार सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है।

पिछले साल, सरकार ने ग्राहकों से जुड़ी सेवाओं की समयबद्ध डिलिवरी सुनिश्चित करने के लिये नियम जारी किये थे।

घाटे में चल रही और नकदी संकट से जूझ रही वितरण कंपनियां ग्राहकों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिये उत्पादक इकाइयों से पर्याप्त बिजली खरीद पाने में असमर्थ हैं। इन कंपनियों में ज्यादातर राज्यों द्वारा संचालित हैं। वितरण कंपनियों के ऊपर उत्पादक कंपनियों का कुल बकाया दिसंबर 2020 में 1.35 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया।

सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता गंभीर चिंता का कारण है। बिजली वितरण क्षेत्र के लिये संशोधित सुधार आधारित परिणामोन्मुख योजना शुरू की जाएगी। इस पर अगले पांच साल में 3,05,984 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे।’’

मंत्री ने कहा कि योजना से वितरण कंपनियों को बुनियादी ढांचा सृजित करने में मदद मिलेगी। इसमें प्रीपेड स्मार्ट मीटर, फीडर को अलग किया जाना और प्रणाली को उन्नत बनाना शामिल है।

सीतारमण ने यह भी कहा, ‘‘देश भर में वितरण कंपनियों का एकाधिकार है। चाहे वे सरकारी क्षेत्र में हों या फिर निजी क्षेत्र में। एसे में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर ग्राहकों का विकल्प देने की जरूरत है। ग्राहकों को एक से अधिक वितरण कंपनी में स चुनने का विकल्प देने के लिये व्यवस्था लायी जाएगी।’’

अर्थात ग्राहकों को अपनी वितरण कंपनियों को चुनने का विकल्प उसी रूप से मिलेगा जिस तरीके से वे दूरसंचार क्षेत्र में अच्छी सेवा नहीं मिलने पर सेवा प्रदाता बदल सकते हैं। फिलहाल किसी एक क्षेत्र में एक ही वितरण कंपनी होती है, जो ग्राहकों को बिजली प्रदान करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले छह साल में 1,39,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी गयी। साथ ही 2.8 करोड़ परिवार को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराये गये।

सीतारमण ने हरित बिजली स्रोतों से हाइड्रोजन पैदा करने के लिये अगले वित्त वर्ष में राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन भी शुरू करने के प्रस्ताव की भी घोषणा की।

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