देश की खबरें | देश के 41 गंतव्यों तक जल्द पहुंच सकती हैं कोविड-19 टीके की दो करोड़ खुराकें : अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की एक सहायक कंपनी के एक आला अधिकारी ने बुधवार को कहा कि पहले चरण में पुणे से कोविड-19 के टीके की दो करोड़ खुराकों को आठ जनवरी तक देश के 41 गंतव्यों तक पहुंचाने की योजना पर काम जारी है।
इंदौर, छह जनवरी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की एक सहायक कंपनी के एक आला अधिकारी ने बुधवार को कहा कि पहले चरण में पुणे से कोविड-19 के टीके की दो करोड़ खुराकों को आठ जनवरी तक देश के 41 गंतव्यों तक पहुंचाने की योजना पर काम जारी है।
एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड अलाइड सर्विसेज (आईक्लास) के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) के. सेल्वाकुमार ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को बताया, "पहले चरण में कोविड-19 टीके की दो करोड़ खुराकों को पुणे से देश भर के 41 गंतव्यों तक 100 से ज्यादा उड़ानों की मदद से पहुंचाया जाना है। यह वितरण आज छह जनवरी से आठ जनवरी के बीच किए जाने की योजना है।"
उन्होंने बताया कि पहले चरण के दौरान मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों- इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में इस टीके की कुल नौ लाख खुराकें पहुंचाए जाने की योजना है।
सेल्वाकुमार ने गंतव्यों की विशिष्ट जानकारी दिए बगैर बताया कि टीका वितरण के लिए संबंधित हवाई अड्डों पर कुछ इस तरह व्यवस्थाएं की जाएंगी कि विमान उतरने के सात मिनट के भीतर कोल्ड चेन बरकरार रखते हुए टीकों को ट्रक में लाद कर अगले पड़ाव के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
उन्होंने कोविड-19 टीका वितरण की योजना के हवाले से बताया कि टीके को देश भर में पहुंचाने के लिए 100 से ज्यादा उडानें चलाई जाएंगी और हरेक विमान में टीकों की 1,800 किलोग्राम वजनी खेप लादी जाएगी।
सेल्वाकुमार ने बताया, "तय तापक्रम बनाए रखने के लिए टीके को विशेष जेल वाली पैकिंग में रखा जाएगा। यह जेल 24 घंटे तक उचित तापक्रम कायम रखेगा। यानी पैक किए जाने के 24 घंटे के भीतर टीके को संबंधित व्यक्ति को लगाया जाना जरूरी होगा।"
उन्होंने बताया, "कश्मीर से कन्याकुमारी के बीच का फासला हवाई मार्ग से चार घंटे में तय किया जा सकता है। टीकाकरण के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों में तालमेल रहेगा। ऐसे में तय समय-सीमा के भीतर टीका लगाए जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।"
गौरतलब है कि भारत के औषधि नियामक ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित कोविड-19 टीके "कोविशील्ड" और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके "कोवैक्सीन" के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दी थी।
एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर "कोविशील्ड" टीके को तैयार किया है।
सेल्वा कुमार, इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर नये अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल के लोकार्पण समारोह में शामिल होने इंदौर आए थे। इस टर्मिनल को एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड अलाइड सर्विसेज (आईक्लास) ने 2.26 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है।
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