रेपो पर मिले दीर्घकालिक धन को 30 दिन में निवेश न करने पर 2 प्रतिशत ऊंचा ब्याज
शीर्ष बैंक ने 27 मार्च को टीएलटीआरओ की घोषणा की थी। इसका मकसद कॉरपोरट बांड बाजार में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करना है।
मुंबई, 13 अप्रैल रिजर्व बैंक ने सोमवार को बैंको को आगाह कि वे दीर्घकालीन रेपो अभियान (टीएलटीआरओ) के तहत जुटाये गये कोष का 50 प्रतिशत एक महीने के भीतर कंपनियों के बांड में निवेश करने में विफल रहते हैं तो उन्हें दंड स्वरूप 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना होगा।
शीर्ष बैंक ने 27 मार्च को टीएलटीआरओ की घोषणा की थी। इसका मकसद कॉरपोरट बांड बाजार में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली को दीर्घकालिक नकदी उपलब्ध कराने के लिए तब से अबतक तीन बार एलटीआरओ के तहत बांड खरीद के लिए नीलामी का आयोजन कर चुका है। शीर्ष बैंक ने बाजार में पर्याप्त नकदी उपलब कराने का वादा किया है।
रिजर्व बैंक ने सोमवार को बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) के प्रारूप में स्पष्टी करण देते हुए कहा कि बैंक टीएलटीआरओ कोष का 50 प्रतिशत निवेश करने के लिये 30 दिन का समय ले सकते हैं।
रिजर्व बैंक ने आगाह करते हुए कहा, ‘‘.... अगर बैंक निर्धारित अवधि में निवेश करने में विफल रहते हैं, उन पर उतने दिन के लिये मौजूदा रेपो दर के अलावा दो प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज लगेगा जितने दिन तक कोष का उपयोग नहीं किया जाता।
फिलहाल नीतिगत दर 4.40 प्रतिशत है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 02:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

