नयी दिल्ली, 28 जुलाई जल शक्ति मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा बताया कि महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना के लिए मध्यप्रदेश में 17,000 से ज़्यादा पेड़ काटे जाएंगे, जिनमें पन्ना टाइगर रिज़र्व के अंदर 12,000 से ज़्यादा पेड़ शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि पेड़ों को काटे जाने के फैसले के खिलाफ संबंधित परियोजना प्राधिकरण, जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से कोई विरोध दर्ज नहीं किया गया है।
जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के तहत एकमात्र योजना है जो कार्यान्वयन चरण में पहुंच गई है।
मंत्री ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश राज्य में केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) के अंतर्गत, दौधन बांध और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए लगभग 17,101 पेड़ों की कटाई के लिए पहचान की गई है। इनमें से 12,404 पेड़ पन्ना टाइगर रिजर्व वन में काटे गए हैं।’’
इस परियोजना से कुल 7,193 परिवारों के प्रभावित होने का अनुमान है और कानून के अनुसार भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के लिए मध्यप्रदेश तथा उत्तर प्रदेश सरकारें ज़िम्मेदार हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने सितंबर 2023 में एक विशेष मुआवजजा और पुनर्वास पैकेज को मंज़ूरी दी थी।
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