जरुरी जानकारी | पिछले एक दशक में 17 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा हुएः मांडविया
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नयी दिल्ली, 30 मई केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में 17 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए हैं जबकि इससे पहले के दशक में सिर्फ 4.5 करोड़ रोजगार अवसर ही सृजित हुए थे।
केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा वर्ष 2014 में सत्ता में आई थी और उसके पहले 2004 से 2014 तक कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार थी।
मांडविया में उद्योग मंडल सीआईआई के 'वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2025' को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है, जो विकसित दुनिया के आसपास है।
उन्होंने कहा कि इसका मतलब देश में रोजगार उपलब्ध है क्योंकि भारत अब एक निवेश गंतव्य बन चुका है।
मंत्री ने कहा, "पिछले एक दशक में भारत में 17 करोड़ रोजगार के अवसर खुले। इससे पहले के दशक में 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा हुई थीं।"
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में निवेश का केंद्र इसलिए बना क्योंकि यह एक पारदर्शी लोकतंत्र है और न्यायपालिका योग्यता के आधार पर न्याय दे रही है। इसके अलावा भारत में उपभोक्ताओं की क्रय-शक्ति बढ़ रही है और यह एक बड़े बाजार के रूप में उभर रहा है।
मांडविया ने कहा कि देश के हर विश्वविद्यालय में 'शिक्षा से रोजगार लाउंज' गठित होगा जिसका संचालन उद्योग निकाय करेंगे और केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें लॉजिस्टिक समर्थन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "मैं सरकार, उद्योग निकायों और विश्वविद्यालयों के सहयोग से इस मंच का संचालन सुनिश्चित करूंगा। इस करियर लाउंज में सभी युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से नौकरी के अवसर मिलेंगे।"
श्रम मंत्री ने उद्योग की मांग को देखते हुए कौशल विकास की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि सीआईआई जैसे उद्योग निकाय लोगों को प्रशिक्षित करने के साथ उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी देने में भी सरकार की बहुत मदद कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उद्योग की कौशल जरूरतों को देखते हुए विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान युवाओं को प्रशिक्षित और प्रमाणपत्र देंगे, जिससे उन्हें नौकरी पाने में मदद मिलेगी।
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