नयी दिल्ली, 11 मार्च रांची की एक विशेष अदालत ने झारखंड में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) को कथित तौर पर हथियार आपूर्ति करने के मामले में फरार हथियार विक्रेता को 15 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने बिहार के औरंगाबाद के मंटू शर्मा के खिलाफ यह आदेश दिया, जिसे मामले में विभिन्न आरोपों में दोषी पाया गया था।
एजेंसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "एनआईए जांच के अनुसार, मंटू शर्मा भाकपा (माओवादी) के सदस्यों को अवैध हथियार और गोला-बारूद बेचने में शामिल था...एनआईए उसे पकड़ने के प्रयास जारी रखे हुए है।"
एनआईए ने झारखंड पुलिस द्वारा अगस्त 2012 में राज्य के सिलोदर वन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान भाकपा (माओवादी) मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के चार महीने बाद जांच का जिम्मा संभाला था।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, "पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा (माओवादी) की हथियार और गोला-बारूद आपूर्ति इकाई के सदस्य प्रफुल्ल कुमार मालाकार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से अमेरिका निर्मित एक एम-16 राइफल, 14 कारतूस, दो सेलफोन और एक बुलेट प्रूफ जैकेट जब्त किया गया है।"
मालाकार से पूछताछ में समूह की पहुंच उजागर हुई, खासकर एक अन्य आरोपी अनिल कुमार यादव की गिरफ्तारी से।
एनआईए ने 2014 और 2017 के बीच मालाकार, यादव और मंटू पर आरोप पत्र दायर किया।
एजेंसी ने कहा कि मालाकार और यादव को दिसंबर 2024 में एनआईए की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया और 15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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