देश की खबरें | तटरक्षक बल के लिए 1,220 करोड़ रुपये में खरीदे जाएंगे 149 अत्याधुनिक रेडियो
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए 149 अत्याधुनिक रेडियो की खरीद के वास्ते भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 1220.12 करोड़ रुपये के अनुबंध पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 20 फरवरी केंद्र सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए 149 अत्याधुनिक रेडियो की खरीद के वास्ते भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 1220.12 करोड़ रुपये के अनुबंध पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि अत्याधुनिक रेडियो तटरक्षक बल को हाई-स्पीड डेटा के जरिये सूचनाओं को सुरक्षित एवं विश्वसनीय ढंग से साझा करने और किसी स्थिति को भांपने, समझने और उस पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएंगे।
उसने कहा कि ये रेडियो भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त अभियानों के संचालन के लिए “बेहतर संचार एवं समन्वय स्थापित करने में भी मदद करेंगे।”
रक्षा मंत्रालय ने “खरीद (भारतीय-आईडीडीएम) श्रेणी के तहत भारतीय तटरक्षक बल के लिए 1220.12 करोड़ रुपये की कुल लागत से 149 सॉफ्टवेयर आधारित रेडियो की खरीद” के वास्ते बेंगलुरु स्थित बीईएल के साथ अनुबंध पर दस्तखत किए हैं।
आईडीडीएम का मतलब “स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित” प्रौद्योगिकियों से है।
मंत्रालय ने कहा, “ये अत्याधुनिक रेडियो हाई-स्पीड डेटा और सुरक्षित ध्वनि संचार के जरिये सूचनाओं को सुरक्षित एवं विश्वसनीय तरीके से साझा करने, बेहतर ढंग से समन्वय करने और किसी स्थिति को भांपने, समझने तथा उस पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएंगे।”
उसने कहा कि इससे तटरक्षक बल “अपनी विभिन्न जिम्मेदारियों, मसलन-समुद्र में कानून प्रवर्तन, खोज एवं बचाव अभियान का संचालन, मत्स्य संरक्षण और समुद्री पर्यावरण का संरक्षण को बेहतर ढंग से निभा पाएगा।”
मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना तटरक्षक बल की अभियानगत क्षमताओं में सुधार करने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करके भारत की नीली अर्थव्यवस्था का समर्थन करने की दिशा में एक “रणनीतिक कदम” है।
उसने कहा, “आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप, यह अनुबंध उन्नत सैन्य-ग्रेड संचार प्रणालियों के लिए देश की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और विशेषज्ञता विकास को बढ़ावा देगा।”
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