विरार (महाराष्ट्र), 23 अप्रैल महाराष्ट्र में पालघर जिले के विरार में शुक्रवार तड़के एक निजी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित 14 मरीजों की मौत हो गई।
एक अधिकारी ने बताया कि 13 मरीजों की मौत आईसीयू में ही हो गयी जबकि एक मरीज की मृत्य दूसरे अस्पताल में ले जाने के दौरान हो गयी।
उन्होंने बताया कि एक वातानुकूलन (एसी) इकाई में विस्फोट होने के बाद यह आग लगी और हादसे के वक्त अस्पताल में 83 मरीज मौजूद थे जिनमें से 17 मरीज आईसीयू में थे।
टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरों में आग के बाद धुएं से भर गए आईसीयू में अफरा-तफरी नजर आई जहां कुछ जगहों पर छत भी गिर गयी थी वहीं बेड एवं अन्य फर्नीचर बिखरे हुए थे और मृतकों के परिजन अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते दिखे।
अधिकारी ने बताया कि चार मंजिला विजय वल्लभ अस्पताल के दूसरे तल पर स्थित आईसीयू में तड़के करीब तीन बजे आग लगी। अग्नि शामक दल ने आग पर सुबह पांच बजकर बीस मिनट तक काबू पा लिया।
अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के अन्य मरीज इससे प्रभावित नहीं हुए क्योंकि आग आईसीयू तक ही सीमित थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और स्थानीय प्रशासन को घटना के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता दिए जाने की भी घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘विरार के कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना दु:खद हैं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये और घायलों को 50 हजार रूपये की आर्थिक मदद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दी जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से इस घटना की गहन जांच करने को कहा है।
अस्पताल के एक कर्मचारी ने कहा कि बृहस्पतिवार से एसी प्रणाली काम नहीं कर रही था और मरम्मत का काम चल रहा था।
कुछ पीड़ितों के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि घटना के समय अस्पताल के कर्मचारी सो रहे थे और मरीजों को आईसीयू से बाहर निकालने में मदद करने के लिए कोई नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल ने अग्नि सुरक्षा मानदंडों को पूरा नहीं किया है।
इस हादसे से दो दिन पहले ही महाराष्ट्र में नासिक के एक अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने के बाद कोविड-19 के 22 मरीजों की मौत हो गई थी।
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