देश की खबरें | हिमाचल में आत्महत्या के मामलों में 14 फीसदी की कमी आई

शिमला, 16 अप्रैल हिमाचल प्रदेश में 2021 के मुकाबले 2022 में आत्महत्या के मामलों में 14 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में राज्य में जहां खुदकुशी के 889 मामले सामने आए थे, वहीं 2022 में यह संख्या घटकर 758 हो गई।

मालूम हो कि कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरियां जाने, खराब सेहत और भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं के कारण हिमाचल में आत्महत्या के मामलों में वृद्धि हुई थी।

आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2020 से 2022 के बीच कुल 2,505 लोगों ने खुदकुशी की, जिनमें 1,710 पुरुष और 792 महिलाएं शामिल हैं।

इनमें बताया गया है कि 2019 में हिमाचल में 709 लोगों ने आत्महत्या की और 2020 व 2021 में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप चरम पर पहुंचने के दौरान अपनी जान लेने वाले लोगों की संख्या क्रमश: 855 और 889 दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2020 से 2022 के बीच खुदकुशी करने वालों में 28 फीसदी श्रमिक, 24 फीसदी गृहिणी, 11 फीसदी छात्र, 10 फीसदी निजी कंपनियों के कर्मचारी, चार फीसदी व्यवसायी एवं सरकारी कर्मी, तीन फीसदी किसान और 16 फीसदी अन्य लोग शामिल हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, आत्महत्या के ज्यादातर मामले से दांपत्य जीवन में तनाव, वित्तीय चिंताओं, नशीले पदार्थों की लत, बीमारी, बेरोजगारी, असफल प्रेम प्रसंग और अन्य पारिवारिक समस्याओं से जुड़ी समस्याएं शामिल थी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “हमने आत्महत्या के मामलों का रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर संख्या 27 बनाया और इस तरह के कदमों के पीछे के कारणों का विश्लेषण किया। हमने स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से सुधारात्मक कदम उठाने के लिए हस्तक्षेप शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप खुदकुशी के मामलों में कमी आई।”

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