देश की खबरें | विशाखपत्तनम में क्रेन के गिरने से एचएसएल के चार कर्मचारियों सहित 11 लोगों की मौत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आंध्र प्रदेश के विशाखपत्तनम स्थित हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल)के परिसर में शनिवार को भार परीक्षण के दौरान 70 टन वजनी जेट्टी क्रेन के गिर जाने से उसकी चपेट में आए करीब 11 लोगों की मौत हो गई जिनमें से चार एचएसएल के कर्मचारी हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

विशाखापत्तनम, एक अगस्त आंध्र प्रदेश के विशाखपत्तनम स्थित हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल)के परिसर में शनिवार को भार परीक्षण के दौरान 70 टन वजनी जेट्टी क्रेन के गिर जाने से उसकी चपेट में आए करीब 11 लोगों की मौत हो गई जिनमें से चार एचएसएल के कर्मचारी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक एचएसएल के 75 साल के इतिहास में इस तरह का यह पहला हादसा है।

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परीक्षण के दौरान केबिन और आधार तेज आवाज के साथ गिरा और भारी-भरकम ढांचे के नीचे दबने से पीड़ितों की मौत हो गई।

एचएसएल में करीब दो साल पहले यह नयी क्रेन लगायी गयी थी लेकिन ठेकेदार के बदलने की वजह से इसे नियमित सेवा में शामिल नहीं किया गया था।

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विशाखापत्तनम के जिलाधिकारी वी विनय चंद ने बताया कि एचएसएल प्रबंधन तीन नए ठेकेदारों की मदद से क्रेन के परिचालन और वजन क्षमता का परीक्षण कर रहा था तभी केबिन और आधार शनिवार को तेज आवाज के साथ गिर गया जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि इनके अलावा हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विनय चंद से बात की और हादसे की जानकारी ली।

रेड्डी ने जिलाधिकारी चंद और पुलिस आयुक्त आरके मीणा को सभी जरूरी कदम उठाने को कहा।

जिलाधिकारी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि मृतकों में सुपरवाइजर सहित एचएसएल के चार कर्मचारी शामिल है जबकि बाकी सात तीन एजेंसियों के संविदा कर्मी है।

उन्होंने बताया कि पीड़ितों के शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं एचएसएल ने निदेशक परिचालन के नेतृत्व में आंतरिक जांच समिति गठित की है। जिलाधिकारी ने भी इंजीनियरों की स्वतंत्र जांच समिति गठित की है जिसमें आंध्र इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख को शामिल किया गया है। यह समिति हादसे की वजह की जांच करेगी।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘समिति इस बात की जांच करेगी कि कहीं मानवीय लापरवाही हादसे की वजह तो नहीं है।’’

उल्लेखनीय है कि मुंबई के अनुपम क्रेन ने दो साल पहले एचएसएल में जेट्टी क्रेन स्थापित किया था था लेकिन इसका परिचालन नहीं शुरू हुआ था। बाद में कंपनी ठेके से बाहर हो गई और एचएसल ने ग्रीनफील्ड को क्रेन के परिचालन करने के काम में शामिल किया।

एचएसएल ने लीड इंजीनियर्स से रखरखाव और स्क्वाड-7 से नियमित परिचालन के लिए करार किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिन सात संविदा कर्मियों की मौत हुई है उनमें तीन ग्रीनफील्ड के, दो लीड इंजीनियर्स और एक स्क्वॉड-7 का कर्मचारी है जबकि एक की पहचान होनी बाकी है।

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