नयी दिल्ली, 17 जुलाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी युवा इसकी गिरफ्त में न आए तथा देश सुरक्षित रहे।
शाह ने यह बात “मादक पदार्थ तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा” विषय पर एक सम्मेलन में कही। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में 2,381 करोड़ रुपये मूल्य के 1.40 लाख किलोग्राम (किग्रा) से अधिक मादक पदार्थों को नष्ट होते देखा।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी युवा मादक पदार्थों की गिरफ्त में न हो...हमारा उद्देश्य देश को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाना है। मैं सभी मुख्यमंत्रियों और एलजी (उपराज्यपाल) से इसके लिए हर संभव सहयोग करने की अपील करता हूं।”
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में 12,000 करोड़ रुपये मूल्य के 10 लाख किग्रा मादक पदार्थ नष्ट किये गए और यह बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, “आजादी के अमृत महोत्सव में इतने बड़े लक्ष्य को पूरा करने में जुटे सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।”
उन्होंने कहा कि जब राज्य और केंद्र सरकारें सभी एजेंसियों के साथ एक मंच पर आएंगी, तभी “हम देश को मादक पदार्थों से मुक्त कर पाएंगे”।
उन्होंने कहा, “सहयोग, समन्वय, सहभागिता से हम नशे के खिलाफ इस अभियान में सफल हो सकेंगे।”
शाह ने कहा कि जब तक मादक पदार्थ तस्करों की वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला नहीं टूटेगी, तब तक मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई पूरी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि पहले मादक पदार्थों की तस्करी के मुख्य क्षेत्र को ‘गोल्डन ट्राइंगल’ और ‘गोल्डन क्रीसेंट’ कहा जाता था, लेकिन भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव किया है कि इसका नाम ‘डेथ ट्राइंगल’ और ‘डेथ क्रीसेंट’ रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह दृष्टिकोण मादक पदार्थों के खिलाफ हमारी लड़ाई की दिशा और तीव्रता को दर्शाता है।”
गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए एक गंतव्य या इसके लिए एक लक्ष्य का कोई सवाल ही नहीं है।
उन्होंने कहा, “यह निरंतर सतर्कता का कार्य है। एक पल की ढिलाई पूरी मुहिम को बर्बाद कर सकती है।”
विभिन्न शहरों में मादक पदार्थों को नष्ट किया गया और शाह ने नयी दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इस कार्रवाई को देखा। सर्वाधिक मादक पदार्थ मध्य प्रदेश में नष्ट किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि नष्ट किए गए मादक पदार्थों में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो(एनसीबी) की हैदराबाद इकाई द्वारा बरामद किए गए 6,590 किग्रा, इंदौर इकाई द्वारा बरामद किए गए 822 किग्रा और जम्मू इकाई द्वारा बरामद किए गए 356 किग्रा मादक पदार्थ शामिल हैं।
इसके अलावा, विभिन्न राज्यों की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसी ने भी स्वापक औषधि को नष्ट किया। मध्य प्रदेश में 1,03,884 किग्रा (1.03 लाख किग्रा), असम में 1,486 किग्रा, चंडीगढ़ में 229 किग्रा, गोवा में 25 किग्रा, गुजरात में 4,277 किग्रा, हरियाणा में 2,458 किग्रा, जम्मू-कश्मीर में 4,069 किग्रा, महाराष्ट्र में 159 किग्रा, त्रिपुरा में 1,803 किग्रा और उत्तर प्रदेश में 4,049 किग्रा नशीले पदार्थ नष्ट किए गए।
सोमवार की इस कार्रवाई के बाद, मात्र एक साल में नष्ट किए गए नशीले पदार्थों की कुल मात्रा बढ़कर करीब 10 लाख किग्रा हो गई है, जिसकी कीमत 12,000 करोड़ आंकी गई थी।
एनसीबी की क्षेत्रीय इकाइयों और राज्यों के स्वापक पदार्थ रोधी कार्य बलों ने एक जून, 2022 से 15 जुलाई, 2023 के बीच सामूहिक रूप से लगभग 9,580 करोड़ रुपये मूल्य के करीब 8,76,554 किग्रा मादक पदार्थ नष्ट किए, जो निर्धारित लक्ष्य के 11 गुना से भी अधिक है।
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