महिला कामगार, उसके बच्चे की जान बचाने के लिए बेंगलुरू की दंत चिकित्सक की हो रही है तारीफ

यह घटना 14 अप्रैल को हुई थी लेकिन यह मामला हाल में सामने आया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने डोडा बोम्मासांद्रा इलाके में दंत उपचार के लिए क्लीनिक चलाने वाली डॉ राम्या हिमनीश की प्रशंसा की है ।

जमात

बेंगलुरु, 22 अप्रैल एक कामगार महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचाने के लिये यहां की एक दंत चिकित्सक की खूब तारीफ हो रही है। अस्पताल तलाशते हुए सात किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद महिला ने चिकित्सक के क्लीनिक के बाहर बच्चे को जन्म दिया था।

यह घटना 14 अप्रैल को हुई थी लेकिन यह मामला हाल में सामने आया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने डोडा बोम्मासांद्रा इलाके में दंत उपचार के लिए क्लीनिक चलाने वाली डॉ राम्या हिमनीश की प्रशंसा की है ।

लॉकडाउन के कारण सार्वजनिक और निजी परिवहन के बंद होने से अस्पताल की तलाश में प्रवासी मजदूर शांति ने पैदल सात किलोमीटर दूरी तय कर ली लेकिन अस्पताल नहीं मिला।

प्रसव पीड़ा बढ़ने पर हिमनीश के क्लीनिक के बगल में महिला ने बच्चे को जन्म दिया । यह घटना जिस वक्त हुई उस वक्त दंत चिकित्सक का क्लीनिक बंद था ।

बच्चे में किसी तरह की हरकत नहीं होने पर महिला के पति ने सोचा कि बच्चा मर चुका है और उसने अखबार के पन्ने से उसे लपेट दिया।

जब हिमनीश को महिला को देखा तो वह तुरंत जच्चा-बच्चा को क्लीनिक के भीतर ले गयीं।

डॉ. हिमनीश ने पीटीआई- को बताया, ‘‘जब मैं वहां पहुंची तो मैंने देखा कि वह खून से लथपथ थी। मैं महिला को भीतर ले आयी और उसका उपचार किया। इसके बाद मैंने बच्चे की जांच की। छाती दबाने पर बच्चे में जान आ गयी । ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

\