देश की खबरें | मद्रास उच्च न्यायालय ने विदेश में फंसे भारतीयों को लेकर केंद्र से विस्तृत जानकारी मांगी
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नयी दिल्ली, 12 जून मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्र को शुक्रवार को निर्देश दिया कि वह विभिन्न भारतीय दूतावासों में स्वदेश लौटने के लिए पंजीकरण कराने वाले लोगों के बारे में रिपोर्ट दे ।
न्यायमूर्ति विनित कोठारी और न्यायमूर्ति आर सुरेश कुमार की पीठ ने द्रमुक पार्टी के प्रेस सचिव टीकेएस इलांगोवन की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। द्रमुक नेता ने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार को विदेश में फंसे भारतीयों को ला रहे विमानों को राज्य में उतरने की अनुमति देने हेतु निर्देश देने का अनुरोध किया था।
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वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनवाई करते हुए पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह कोरोना वायरस की महामारी के चलते लागू लॉकडाउन की वजह से फंसे भारतीयों को लाने के लिए अबतक परिचालित उड़ान की विस्तृत जानकारी दे।
अदालत ने इसके साथ ही ऐसे लोगों को लाने के लिए ‘वंदे भारत मिशन’ अथवा अन्य किसी योजना के जरिये भविष्य में परिचालित की जाने वाली उड़ानों की संख्या की भी विस्तृत जानकारी मांगी है।
इसके अलावा खंडपीठ ने राज्य सरकार को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के तमिलनाडु में उतरने और इस संबंध में विभिन्न विमानन कंपनियों द्वारा किए गए अनुरोध को लेकर स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि पार्टी को विदेश में फंसे तमिलों से फोन कॉल, ई-मेल और पत्र मिल रहे हैं जिसमें उन्हें वापस तमिलनाडु लाने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
द्रमुक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हवाई सेवा को सीमित करने के लिए कदम उठा रही है। अदालत ने 19 जून तक केंद्र और राज्य को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
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