परिधान निर्यातकों ने कहा, वे कर्मचारियों का अप्रैल, मई का वेतन देने की स्थिति में नहीं
जीईएमए (गार्मेन्ट्स एक्सपोटर्स एंड मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इन दो महीनों के कामगारों के वेतन भुगतान में मदद की अपील की है।
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल परिधान निर्यातकों और विनिर्माताओं के संगठन (जीईएमए) ने बुधवार को कहा कि उनकी दसस्य इकाइयां कामगारों को अप्रैल और मई का वेतन देने की स्थिति में नहीं है। संगठन ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिये जारी ‘लॉकडाउन’ (बंद) के कारण कारोबार पूरी तरह बाधित हुआ है जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
जीईएमए (गार्मेन्ट्स एक्सपोटर्स एंड मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इन दो महीनों के कामगारों के वेतन भुगतान में मदद की अपील की है।
संगठन के अध्यक्ष विजय जिंदल ने कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा है, ‘‘...हम चाहते हुए भी अप्रैल और मई का वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं।’’
जिंदल ने कहा कि परिधान उद्योग श्रम गहन क्षेत्र है और 30 से 35 प्रतिशत आय वेतन भुगतान में जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर निर्यात आर्डर या तो रद्द हो गये हैं या उसे अभी स्थगित रखा गया है। जो माल भेजे जा चुके हैं, वे भी अटके पड़े हैं। निर्यात आर्डर के पूरा करने के लिये जो माल तैयार हुआ, वह भी कारखानों में ही पड़े हैं क्योंकि परिवहन पर पाबंदी है। उन्हें अबतक खरीदारों से भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में उनकी स्थिति गंभीर हो गयी है।’’
जिंदल ने कहा कि सरकार ने हाल में परामर्श देकर कहा है कि बंद के दौरान का वेतन कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए। इससे कपड़ा उद्योग और संकट में चला जाएगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

