कर्नाटक में कोविड-19 के 20 नए मामले; सरकार ने की 1,610 करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत हजारों धोबियों, नाइयों, ऑटो रिक्शाचालकों एवं टैक्सी चालकों के लिए पांच-पांच हजार रुपए के मुआवजे समेत कई कदमों की घोषणा की गई है। इस पैकेज से किसानों, मालियों, एमएसएमई, बड़े उद्योगों, बुनकरों, निर्माण कर्मियों आदि को भी राहत मिलेगी।

जमात

बेंगलुरु, छह मई कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन (बंद) से प्रभावित हुए लोगों को लाभ देने के उद्देश्य से 1,610 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की बुधवार को घोषणा की और राजस्व बढ़ाने के लिए शराब पर आबकारी शुल्क 11 प्रतिशत बढ़ा दिया। इस बीच, कर्नाटक में कोविड-19 के 20 नए मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 693 हो गई है।

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत हजारों धोबियों, नाइयों, ऑटो रिक्शाचालकों एवं टैक्सी चालकों के लिए पांच-पांच हजार रुपए के मुआवजे समेत कई कदमों की घोषणा की गई है। इस पैकेज से किसानों, मालियों, एमएसएमई, बड़े उद्योगों, बुनकरों, निर्माण कर्मियों आदि को भी राहत मिलेगी।

येदियुरप्पा ने बताया कि सरकार ने शराब पर आबकारी शुल्क 11 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के उपायों के तहत शराब की दुकान खोलने पर लगी रोक हटाने के दो दिन बाद इस पर आबकारी शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि राजस्व बढ़ाया जा सके। बजट में भी शराब पर आबकारी शुल्क छह प्रतिशत बढ़ाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से समाज के सभी वर्गों के लोग वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रहे हैं... बंद में ढील देने से उनकी मुश्किलें समाप्त नहीं हुई हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को इस रियायत का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए और राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद करनी चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन संकट में लोगों की मदद करना सरकार का दायित्व बनता है।

उन्होंने कहा कि इस हालात में किसी राज्य ने इतने बड़े पैकेज की घोषणा नहीं की है।

बंद के कारण मांग कम हो जाने की वजह से बागवानी वालों ने अपने फूल नष्ट कर दिए हैं।

सरकार ने उनकी समस्याओं को समझते हुए फसल के नुकसान के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देने की घोषणा की है। फसल के नुकसान पर अधिकतम एक हेक्टेयर तक के लिए मुआवजा दिया जाएगा।

सब्जियां एवं फल उगाने वाले किसान मंडियों तक अपना सामान नहीं ले जा सके। सरकार ने उनके लिए भी राहत की घोषणा की है।

कोविड-19 ने नाइयों एवं धोबियों जैसे सेवा प्रदाताओं को भी प्रभावित किया है इसलिए करीब 60,000 धोबियों और 2,30,000 नाइयों को पांच-पांच हजार रुपए का एक बार मुआवजा मुहैया कराया जाएगा।

इसके अलावा करीब 7,75,000 ऑटो एवं टैक्सी चालकों को भी पांच-पांच हजार रुपए मुहैया कराए जाएंगे।

येदियुरप्पा ने कहा कि बंद के कारण एमएसएमई को भी भारी नुकसान हुआ है और उन्हें पटरी पर लाने में समय लगेगा।

एमएसएमई का दो महीने का तय मासिक बिजली बिल माफ किया जाएगा।

बड़े उद्योगों का दो महीने का बिजली का तय मासिक बिल जुर्माना या ब्याज लगाए बिना निलंबित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों के बिजली उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत दिए जाने की घोषणा की।

राज्य सरकार ने बुनकरों के लिए 109 करोड़ रुपए की ऋण माफी योजना की पहले ही घोषणा कर दी है, जिसमें से 29 करोड़ रुपए 2019-20 में जारी कर दिए गए। शेष 80 करोड़ रुपए की राशि तत्काल जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ‘बुनकर सम्मान योजना’ की भी घोषणा की। इसके जरिए सरकार डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के जरिए हथकरघा बुनकरों के खाते में सीधे दो-दो हजार रुपए डालेगी। इससे 54,000 हथकरघा बुनकरों को लाभ होगा।

राज्य में 15.80 लाख पंजीकृत निर्माण कर्मी हैं। सरकार ने डीबीटी के जरिए 11.80 लाख निर्माण कर्मियों के खाते में पहले ही दो-दो हजार रुपए भेज दिए हैं। शेष कर्मियों के खातों में भी यह राशि पहुंचाए जाने की प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा, सरकार ने डीबीटी के जरिए निर्माण कर्मियों को तीन-तीन हजार रुपए की अतिरिक्त राशि भेजने का फैसला किया है।

येदियुरप्पा ने अपने गृह राज्यों को लौटने के इच्छुक एक लाख प्रवासी श्रमिकों से अपील की कि वे राज्य से नहीं जाएं, क्योंकि निर्माण एवं औद्योगिक गतिविधियां आरम्भ हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का संकट समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन यह स्पष्ट है कि संक्रमण को फैलने से रोकने और राज्य के विकास के लिए आर्थिक गतिविधियां जारी रखने का काम साथ-साथ करना होगा।

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के मुताबिक, ‘‘छह मई को शाम पांच बजे तक, राज्य में कोविड-19 के कुल 693 मामलों की पुष्टि की गई है, इसमें 29 मौतें शामिल हैं और 354 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।’’

उसमें कहा गया कि 309 लोगों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें से, 303 नामित अस्पतालों में पृथक वार्ड में हैं और उनकी हालत स्थिर हैं, जबकि छह गहन देखभाल इकाई में हैं।

ठीक होने के बाद 23 मरीजों को बुधवार को छुट्टी दे दी गई।

20 नए मामलों में से 13 बागलकोट जिले के बादामी से हैं। इनमें एक को छोड़कर, बाकी पहले से ही एक संक्रमित रोगी के संपर्क में आए हैं।

बेंगलुरु शहर में अब तक कोरोना वायरस के 155 मामले सामने आ चुके हैं।

इस बीच, कोरोना वायरस के मद्देनजर, येदियुरप्पा ने विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने की विपक्षी कांग्रेस की मांग को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘सिद्धरमैया (विधानसभा में विपक्ष के नेता), शिवकुमार (कांग्रेस के राज्य इकाई के अध्यक्ष) मुझसे मिलना चाहते हैं। मैं कल या परसों उन्हें समय दूंगा और उनसे चर्चा करूंगा।’’

येदियुरप्पा ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जिन चीजों और सुविधाओं के बारे में वे सत्र के दौरान चर्चा करना चाहते हैं, मैंने आज इसकी घोषणा कर दी है। इसके लिए सत्र की जरूरत नहीं है।’’

यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विपक्षी नेताओं से मिलेंगे और उनके सुझाव सुनेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी जैसा कुछ नहीं है। हमें राज्य के हित में मिलकर काम करना है और संकट में पड़े लोगों को बचाने के लिए आगे आना है।’’

इस बीच, एक अन्य संबंधित घटनाक्रम में कर्नाटक सरकार ने प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिये विशेष ट्रेनें चलाने का अपना अनुरोध वापस ले लिया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

\