एजेंसी न्यूज

ओडिशा ने शीघ्र और प्रभावी कदम उठाकर नियंत्रित किया कोरोना वायरस महामारी को

कोविड-19 से प्रभावी तरीके से निपटने और उसे नियंत्रित करने के कारण शीर्ष के दो राज्यों में आने पर, केंद्र सरकार ने ओडिशा की तारीफ की है।

ओडिशा ने शीघ्र और प्रभावी कदम उठाकर नियंत्रित किया कोरोना वायरस महामारी को
जमात

भुवनेश्वर, 22 अप्रैल ओडिशा उन राज्यों में शामिल है जिन्होंने अपने यहां कोरोना वायरस महामारी को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने जल्द प्रभावी कदम उठाए और बहुआयामी रणनीति के तहत इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि संक्रमण न फैले। हालांकि सरकार का यह भी कहना है कि वह महामारी से लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

कोविड-19 से प्रभावी तरीके से निपटने और उसे नियंत्रित करने के कारण शीर्ष के दो राज्यों में आने पर, केंद्र सरकार ने ओडिशा की तारीफ की है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल राहत की सांस लेने का वक्त नहीं हैं, और उन्हें आने वाले महीनों के लिए तैयार रहना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 12 से 18 अप्रैल के बीच ओडिशा और केरल का प्रदर्शन अच्छा रहा है। केरल में 67.2 दिन में मामले दोगुना हुए तो ओडिशा में मामलों को दोगुना होने में 34.12 दिन का समय लगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओडिशा कोविड-19 को आपदा घोषित करने और लॉकडाउन लागू करने वाला पहला राज्य था।

कोरोना वायरस महामारी पर राज्य सरकार के मुख्य प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कहा कि सरकार ने बहुत जल्दी कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार तथा लोगों को कम से कम अगले छह महीने तक सतर्क रहना चाहिए और सामाजिक दूरी तथा स्वच्छता के नियम का पालन कड़ाई से करना चाहिए।

ओडिशा में अब तक कोविड-19 के 82 मामले सामने आए हैं। इलाज के बाद इस संक्रामक बीमारी से 30 मरीज ठीक हो गए हैं, वहीं भुवनेश्वर में 72 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई है।

एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार ने विदेश से लौटने वालों का अनिवार्य पंजीकरण, लॉकडाउन के दिशानिर्देशों को सख्ती लागू करना, सैकड़ों पृथकवास केंद्र स्थापित करना, जांच की संख्या बढ़ाना, सभी जिलों में कोरोना वायरस के लिए समर्पित अस्पताल बनाना सहित अन्य कदम उठाए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक शालिनी पंडित ने कहा कि हमारे सामने चुनौती इस लक्ष्य को हासिल करने की है कि यह संक्रमण बिल्कुल भी न फैले।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि विदेश से लौटने वाले लोगों का अनिवार्य पंजीकरण कराना और उन्हें अनिवार्य रूप से पृथक-वास में भेजने की पहल ने राज्य में बीमारी को काबू रखने में बड़ी भूमिका निभाई है।

ग्रामीण ओडिशा की 6,798 ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक में सरकार ने पृथक केंद्र स्थापति किए थे। पंचायत समितियों और जिले के अधिकारियों से कहा गया था कि अन्य राज्यों से वापस आने वाले लोगों को 14 दिन तक पृथक-वास में रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से अलग अलग राज्यों में फंसे हुए ओडिशा के लाखों लोग जब लौटेंगे तो उन्हें अनिवार्य रूप से 14 दिन पृथक-वास में गुजराने होंगे और सरकार उनके रहने, खाने-पीने तथा इलाज का खर्च उठाएगी।

उन्होंने बताया कि पृथक-वास पूरा होने पर उन्हें सरकार की ओर से दो हजार रुपये दिए जाएंगे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से निपटने के दौरान जान गंवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की। साथ ही उन्हें शहीद का दर्जा भी दिया जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 06:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).