अदालत ने नरेला के पृथक-वास वार्डों में सुविधाओं के अभाव का दावा करने वाली जनहित याचिका पर जवाब मांगा
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नयी दिल्ली, छह मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली सरकार से उस जनहित याचिका पर जवाब देने को कहा, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि नरेला के डीडीए फ्लैट्स में कोरोना वायरस संक्रमितों के लिए बने पृथक-वास वार्डों में सुविधाओं का अभाव है।

याचिका में दावा किया गया कि सरकार की ओर से डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे और साफ-सफाई और इलाके को सैनिटाइज करने को लेकर भी प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब देने को कहा।

अदालत में मामले की अगली सुनवाई 14 मई के लिए तय की गई।

याचिकाकर्ता निर्मल गौराना ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार फ्लैटों में डॉक्टर उपलब्ध नहीं करवा रही और स्वच्छता एवं क्षेत्र को संक्रमण मुक्त करने को लेकर भी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जा रही।

याचिका में दावा किया गया कि शौचालयों और कमरों को संक्रमणमुक्त करने के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी भी तैनात नहीं हैं। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में भी सुधार की मांग की गई।

वहीं, दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि दिशा-निर्देश के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

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