लत में क्यों बदल जाता है खेल के प्रति जुनून
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए खेल महत्वपूर्ण है, लेकिन कभी-कभी यह जुनून लत में भी बदल जाता है. आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके क्या नुकसान हैं?फ्लोरा कोलेज को नॉर्वे में हडॉमियरफ्यूर में जंप करने से लेकर 1,883 मीटर ऊंचे गौस्टाटोपेन पर्वत की चोटी पर पहुंचकर जश्न मनाने में कुल 11 घंटे, 21 मिनट और 15 सेकंड का समय लगा. ब्रिटेन की रहने वाली 37 वर्षीय कोलेज ने इस साल अपनी नॉर्समैन ट्रायथलॉन जीत के बारे में कहा, "यह एक सपने के सच होने जैसा था. इस प्रतियोगिता को जीतने का यह मेरा पांचवां प्रयास था.”

वर्ष 2019 और 2021 में दूसरे स्थान पर रहने वाली कोलेज आखिरकार पोडियम के शीर्ष तक पहुंचने में सफल रहीं और अब वे खुद को एक्सट्री विश्व चैंपियन कह सकती हैं. एक्सट्री का मतलब है एक्सट्रीम ट्रायथलॉन. यह सामान्य आयरनमैन रेस से काफी मुश्किल होता है. इसमें 3.8 किलोमीटर की तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिल चलाना और 42.4 किलोमीटर की दौड़ शामिल होती है. नॉर्समैन में करीब 3,000 मीटर की चढ़ाई बाइक से करनी होती है और इसके बाद 1,800 मीटर से ज्यादा का मैराथन होता है.

फ्लोरा कोलेज न सिर्फ एक एक्सट्रीम एथलीट हैं, बल्कि खेल वैज्ञानिक भी हैं. फिलहाल वह खेल की लत के मामलों पर शोध कर रही हैं. वह अपने शोध में उन खेलों में शामिल होने की इच्छा पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं जो अनियंत्रित या अनूठा लगता है. साथ ही, अत्यधिक खेल गतिविधि और व्यवहार से जुड़ी लत पर भी नजर बनाई हुई हैं.

हफ्ते में सात घंटे से ज्यादा खेल गतिविधि से लत का खतरा

कोलेज ने डीडब्ल्यू को बताया, "मैंने इस पर ध्यान देना शुरू नहीं किया था, क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं खुद जोखिम में पड़ जाऊंगी. इस विषय ने मुझे चुना. एक बेहतर एथलीट के रूप में, मुझे खेल से जुड़ी लत और स्वस्थ तरीके से मिलने वाले प्रशिक्षण के बीच अंतर का पता लगाना रोमांचक लगता है.”

कोलेज खुद हर हफ्ते करीब 25 घंटे प्रशिक्षण लेती हैं. उन्होंने अपने शोध में खेल से जुड़ी संभावित लत की सीमा के तौर पर, सप्ताह में करीब सात घंटे के प्रशिक्षण की पहचान की है. सामान्य शब्दों में कहें, तो हर हफ्ते सात घंटे से ज्यादा खेल में बिताना संभावित लत की ओर इशारा करता है.

स्विट्जरलैंड स्थित लूसर्न विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक के तौर पर काम करने वाली कोलेज बताती हैं, "अगर कोई व्यक्ति पूर्णकालिक नौकरी में है, उसके ऊपर परिवार और अन्य तरह की जिम्मेवारियां हैं, तो उसके लिए हर दिन खेल के लिए एक घंटे का समय निकालना कोई छोटी बात नहीं है. हालांकि, अगर इसी तरह का कोई व्यक्ति अपनी अन्य जिम्मेवारियों से मुंह मोड़कर खेलने के लिए हफ्ते में सात घंटे से ज्यादा समय निकालता है, तो इसे खेल से जुड़ी लत कहा जा सकता है.”

खेल की लत से जुड़े मामले की खोज 1970 में हुई थी. न्यूयॉर्क के डॉक्टर फ्रेडरिक बेकलैंड यह जांच करना चाहते थे कि क्या काफी ज्यादा व्यायाम गहरी नींद को बढ़ावा देता है. इस मकसद से उन्होंने हर दिन प्रशिक्षण लेने वाले धावकों को पैसे की पेशकश की. इसके बदले उन धावकों को एक महीने तक खेल के मैदान से दूरी बनाने की शर्त रखी गई थी. अधिकांश धावकों ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया, जबकि उन्हें बड़ी रकम की पेशकश की गई थी. तब बेकलैंड ने ‘व्यायाम की लत' शब्द का ईजाद किया. इस घटना पर अब तक 1,000 से ज्यादा वैज्ञानिक लेख हैं और पिछले पांच वर्षों में वाकई में इस दिशा में अनुसंधान बढ़ा है.

जिस तरह से जुए और सट्टेबाजी की लत को मानसिक विकार के तौर पर मान्यता दी गई है उस तरह से अभी खेल की लत को विक

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