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अमेरिकी सांसदों का बयान, कहा- तालिबान के साथ अफगानिस्तान शांति समझौते में लाएं पारदर्शिता

अमेरिका के तीन सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने ट्रम्प प्रशासन से आश्वासन मांगा है कि वह तलिबान के साथ होने वाले किसी भी समझौते का पूरा पाठ कांग्रेस को उपलब्ध कराए. कांग्रेस के सदस्यों ने यह भी पूछा कि अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी बलों को वाशिंगटन वापस लाया जाएगा या आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों में उन्हें फिर से तैनात किया जाएगा.

अमेरिकी सांसदों का बयान, कहा- तालिबान के साथ अफगानिस्तान शांति समझौते में लाएं पारदर्शिता
अमेरिका का तिरंगा (फाइल फोटो )

वॉशिंगटन : अमेरिका (America) के तीन सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने ट्रम्प प्रशासन से आश्वासन मांगा है कि वह तलिबान के साथ होने वाले किसी भी समझौते का पूरा पाठ कांग्रेस को उपलब्ध कराए. कांग्रेस के सदस्यों टॉम मालिनोवस्की, माइक गैलाघेर और ब्रैड शेरमैन ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) को पत्र लिखकर यह लिखित प्रतिबद्धता मांगी कि तालिबान के साथ कोई ऐसा गोपनीय समझौता नहीं किया जाएगा, जिसे कांग्रेस के साथ साझा नहीं किया जाए.

उन्होंने शुक्रवार को लिखे एक पत्र में यह भी आश्वासन मांगा कि कोई भी समझौता इसी शर्त पर किया जाए कि तालिबान पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों समेत सभी आतंकवादी सहयोगियों के साथ अपने संबंध तोड़ देगा और अफगानिस्तान सरकार एवं तालिबान के बीच समझौते की शर्त पर ही अमेरिकी बलों की वापसी होगी.

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शेरमैन ने कहा कि हालांकि तालिबान के साथ गोपनीय तरीके से बात करना आवश्यक है लेकिन अमेरिका की विदेश नीति को प्रभावित करने वाले किसी भी समझौते को कांग्रेस से छुपाकर नहीं रखना चाहिए. कांग्रेस के सदस्यों ने यह भी पूछा कि अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी बलों को वाशिंगटन वापस लाया जाएगा या आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों में उन्हें फिर से तैनात किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2019 10:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).