Italy Palestine Protests: इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी (PM Giorgia Meloni) ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके कारण राजधानी रोम सहित कई बड़े शहरों में सोमवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन (Violent Protests in Rome) हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने गाजा में हुई हिंसा को नरसंहार (Violence in Gaza) बताते हुए इजराइल को हथियारों की आपूर्ति का विरोध किया. मजदूर संगठनों ने इतालवी बंदरगाहों (Italian Ports) से हथियारों की आपूर्ति रोकने की मांग (Demand to Stop Arms Supply) करते हुए हड़ताल का आह्वान किया.
इस दौरान, मिलान, नेपल्स (Naples Violent Protests) और रोम जैसे शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर पुलिस से भिड़ गए. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं.
'इटली की सड़कें जल रही हैं'
Italy's Streets Ablaze: Pro-Palestine Fury Turns Violent Over Meloni's Palestine Snub! 🇮🇹🔥.
Italy erupted in chaos on September 22, 2025, as massive pro-Palestine protests—sparked by Prime Minister Giorgia Meloni's refusal to recognize Palestinian statehood like recent moves… pic.twitter.com/tbQShVYTmD
— Trending Eyes (@thetrendingeyes) September 23, 2025
पीएम जियोर्जियो मेलोनी की प्रतिक्रिया
Indegne le immagini che arrivano da Milano: sedicenti “pro-pal”, sedicenti “antifa”, sedicenti “pacifisti” che devastano la stazione e generano scontri con le Forze dell’Ordine.
Violenze e distruzioni che nulla hanno a che vedere con la solidarietà e che non cambieranno di una… pic.twitter.com/dpurnN5CBM
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) September 22, 2025
दर्जनों प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, 60 पुलिसकर्मी घायल
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सबसे तीखी झड़प मिलान के सेंट्रल स्टेशन (Central Station Violent Protest) पर हुई. कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाठियों से खिड़कियाँ तोड़ दीं और पुलिस (Italy Police) पर कुर्सियां फेंकी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हिंसा में लगभग 60 पुलिसकर्मी घायल हुए और दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया. इस बीच, रोम में हजारों लोग रेलवे स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए और रिंग रोड पर मार्च किया, जिससे टैफिक बाधित हुआ.
स्कूलों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर पड़ा असर
विरोध प्रदर्शनों का असर स्कूलों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा. इटली के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार पर फिलिस्तीन को मान्यता देने और गाजा युद्ध में इज़राइल (Gaza-Israel War) को हथियारों की आपूर्ति बंद करने का दबाव बनाना है.
PM जियोर्जियो मेलोनी ने हिंसा की कड़ी निंदा की
वहीं, प्रधानमंत्री जियोर्जियो मेलोनी ने मिलान में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, "इस तरह की हिंसा और अराजकता का गाजा के लोगों के जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आम इतालवी नागरिकों को इसके परिणाम भुगतने होंगे."
यूरोप में इजराइल का लंबे समय से समर्थक माने जाने वाले मेलोनी की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इटली फिलहाल फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता (Recognition of Palestine as an Independent Nation) नहीं देगा.











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