US Shocker: अमेरिका के ओक्लाहोमा में ड्रग्स की लत ने मां को बना दिया सौदागर, ड्रग्स के लिए 2 साल की मासूम का किया सौदा

ओक्लाहोमा, 11 अगस्त: अमेरिका के ओक्लाहोमा राज्य से एक दिल दहला देनेवाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने कथित तौर पर अपनी दो साल की मासूम बेटी को मेथामफेटामाइन खरीदने के बदले एक ड्रग डीलर को सौंप दिया. यह दर्दनाक घटना 2022 की है, लेकिन इसका खुलासा 2023 में हुआ जब जांच एजेंसियों ने बच्ची की गुमशुदगी की छानबीन शुरू की. बच्ची, लंदन केर, को घर में नियमित रूप से अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा. जांच में सामने आया कि उसे लकड़ी के चप्पू से मारा गया, बीबी गन से गोली मारी गई और एक अंधेरे कमरे में बंद रखा गया. जोशुआ डेंटन की बेटियों ने पुलिस को बताया कि डेंटन ने लंदन की आंखों में तीखी चटनी डाली और उसे ज़बरदस्ती तीखी मिर्च खाने के लिए मजबूर किया. यह अत्याचार किसी यातना शिविर से कम नहीं था और वह भी एक मासूम बच्चे के साथ. यह भी पढ़ें: Telangana: नलगोंडा में बस स्टैंड पर 15 महीने के बेटे को छोड़कर विवाहित महिला इंस्टाग्राम प्रेमी के साथ भागी, वीडियो आया सामने

मां एशले रोलैंड ने शुरुआत में दावा किया था कि लंदन जॉर्जिया में उसके जैविक पिता के पास है, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि 2022 में उसने अपनी बेटी को “कार्लोस” नामक एक मेथ डीलर को दे दिया था. रोलैंड ने बताया कि उसे कभी भी लंदन के पहचान से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले और बताया कि डीलर ने मैक्सिको भागने की योजना बनाई थी. लंदन को आखिरी बार कार्लोस की गोद में देखा गया था. इसके बाद से वह लापता है.

जांच से सामने आई हकीकत

2023 में एक बाल संरक्षण जांच के दौरान अधिकारियों को लंदन उसके माता-पिता के साथ नहीं मिली. जब अधिकारियों ने गहराई से पूछताछ शुरू की, तो रोलैंड के अन्य किशोर बच्चों ने घर में हो रहे अत्याचारों की पूरी कहानी बयां की. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मां बाप को हिरासत में ले लिया.

5 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद जोशुआ डेंटन पर गंभीर धाराओं के तहत कुल 9 आरोप लगाए गए हैं

6 आरोप – बाल शोषण

1 आरोप – जबरन समलैंगिकता

1 आरोप – अश्लील या अभद्र व्यवहार

1 आरोप – आपराधिक कृत्य

वहीं एशले रोलैंड पर बाल शोषण को बढ़ावा देने और 2024 में एक बच्चे को लावारिस छोड़ने का मामला भी दर्ज है.

लंदन की तलाश जारी

ओक्लाहोमा पुलिस और अन्य एजेंसियां अब भी लंदन केर की खोज में लगी हैं. जांचकर्ता सभी संभावित सुरागों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि बच्ची की स्थिति का पता लगाया जा सके और उसे सुरक्षित वापस लाया जा सके.

यह मामला केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक चेतना को झकझोर देने वाला सच है. एक मासूम बच्ची को नशे की लत के लिए ‘बेच’ देना उस अमानवीयता को दर्शाता है जो नशे और घरेलू हिंसा की गहराइयों में पनपती है. अब पूरा देश यही प्रार्थना कर रहा है कि लंदन केर सुरक्षित मिले और उसे न्याय जरूर मिले.