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तुर्की में इतिहास की सबसे भीषण गर्मी दर्ज, तापमान 50.5 डिग्री के पार, टूटा अब तक का रिकॉर्ड

तुर्की में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने 50.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सारे पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वैज्ञानिक इस भीषण गर्मी का कारण ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को बता रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को दिन में बाहर न निकलने और पानी की कमी से बचने की सलाह दी है.

तुर्की में इतिहास की सबसे भीषण गर्मी दर्ज, तापमान 50.5 डिग्री के पार, टूटा अब तक का रिकॉर्ड

Record-Breaking Heatwave Hits Turkey: तुर्की के दक्षिण-पूर्वी इलाके में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. यहां का तापमान 50.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो देश में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इतनी भीषण गर्मी ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.

क्या है इस गर्मी की वजह?

वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन इस रिकॉर्ड-तोड़ गर्मी की बड़ी वजह हैं. तुर्की का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा पहले से ही गर्म जलवायु के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार गर्म हवाओं और सूखे ने हालात को और बदतर कर दिया.

लोगों पर क्या असर?

स्वास्थ्य समस्याएं: इतने ज्यादा तापमान में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

रोजमर्रा की जिंदगी: लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं. बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है.

कृषि और पानी की कमी: गर्मी की वजह से फसलों को नुकसान हो रहा है और पानी की किल्लत बढ़ रही है.

सरकार और स्थानीय प्रशासन का कदम

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कई सुझाव दिए हैं:

दिन में 11 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें.

खूब पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें.

सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी और छायादार जगहें उपलब्ध कराई जा रही हैं.

आगे क्या?

वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर ग्लोबल वॉर्मिंग को काबू नहीं किया गया, तो ऐसी गर्मी भविष्य में और आम हो सकती है. तुर्की ही नहीं, पूरी दुनिया को पर्यावरण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

इस गर्मी ने न सिर्फ तुर्की, बल्कि पूरी दुनिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए अभी से काम शुरू करना होगा, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2025 08:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).