पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन को दिया सोना, यूरेनियम खनन का अवैध ठेका

पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए और अपने स्वयं के संविधान की अवहेलना करते हुए, कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने के लिए चीनी खनन कंपनियों को खुली छूट दे दी हैगिलगित बाल्टिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर पाकिस्तान 45,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की योजना बना रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, 12: पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए और अपने स्वयं के संविधान की अवहेलना करते हुए, कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (जीबी) क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने के लिए चीनी खनन कंपनियों को खुली छूट दे दी है. यही नहीं, इस्लामाबाद ने डियामर डिवीजन में एक बड़ा बांध बनाने के लिए बीजिंग के साथ अरबों डॉलर के एक अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किया है, जबकि यह इलाका कानूनी रूप से भारत का है.

पाकिस्तान सरकार ने गिलगित और बाल्टिस्तान में चीनी फर्मों को अवैध रूप से सोना, यूरेनियम और मोलिब्डेनम का खनन करने के लिए 2,000 से अधिक लीज दे दी है. ऐसा करते हुए इमरान खान सरकार ने पर्यावरण के मानदंडों को भी हवा में उड़ा दिया है. अवैध खननों के इस मामले का खुलासा निर्वासित नेता और गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र के एक प्रमुख राजनीतिक संगठन यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के मुख्य प्रवक्ता ने किया है.

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अजीज ने फोन पर आईएएनएस को बताया, 'हम अगले महीने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने की पाकिस्तान की इस साजिश का पदार्फाश करेंगे." पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 257 का हवाला देते हुए अजीज ने कहा कि इस्लामाबाद में सरकार को जीबी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का कोई अधिकार नहीं है.

अजीज ने आगे कहा, "यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. मीडिया रिपोर्ट नहीं कर सकता है. जीबी क्षेत्र में आवाज उठाने वाले लोगों को दंडित किया जा रहा है. ऐसी परिस्थितियों में जब कोई भी किसी निर्णय का विरोध नहीं कर सकता है तो प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है. पाकिस्तान चीन के हाथों का खिलौना बन गया है."

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में रहने वाले यूकेपीएमपी नेता ने आगे कहा, "स्थानीय लोगों से सलाह नहीं ली जाती है. उनके हितों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है. जीबी क्षेत्र में चीन को इस तरह उपकृत करने का ये कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का भी उल्लंघन है."

बता दें कि उत्तरी क्षेत्रों में गिलगित, बाल्टिस्तान और डियामर में मीडिया को पूरी तरह सेंसर किया गया है. इसे पाक सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है. हाल ही में चीन की सरकारी फर्म और पाकिस्तान आर्मी की एक विंग के बीच डियामर भाषा बांध बनाने के लिए 442 बिलियन रुपये का जॉइंट वेंचर भी हुआ है.

गिलगित बाल्टिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर पाकिस्तान 45,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की योजना बना रहा है. ये बिजली पाकिस्तान के लोगों के लिए इस्तेमाल की जाएगी. बता दें कि जीबी क्षेत्र में एक स्थानीय सरकार है लेकिन इसका कंट्रोल पाकिस्तान से होता है.

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