गुमशुदा पायलट की तलाश के लिए ईरान और अमेरिका की होड़

ईरान और अमेरिका, दोनों की सेनाएं एक लापता अमेरिकी पायलट को तलाशने में जुटी हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरान और अमेरिका, दोनों की सेनाएं एक लापता अमेरिकी पायलट को तलाशने में जुटी हैं. इस खोज में दोनों एक-दूसरे को पछाड़ना चाहती हैं. ईरानी अधिकारियों ने लोगों से भी कहा है कि वे अमेरिकी पायलट को खोजने में मदद करें.एक नाटकीय घटनाक्रम में, ईरान की सेना अपने ही भूभाग में लापता हुए एक अमेरिकी पायलट की तलाश में जुटी है. अमेरिका भी अपने गुमशुदा पायलट को खोजकर सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है, इससे पहले कि वह ईरानी सेना के हाथ लगे.

बीते दिन, यानी 3 अप्रैल को युद्ध के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में ईरान ने अमेरिका के दो सैन्य विमान गिराए गए. इनमें से एक A-10 कॉम्बैट प्लेन होर्मुज जलडमरुमध्य के पास गिराया गया. वहीं दूसरा F-15E जेट ईरान में गिरा.

अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि ईरान के भीतर गिरे लड़ाकू विमान में दो पायलट थे. उनमें से एक को बचा लिया गया और दूसरा पायलट अब भी लापता है. उसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना एक सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है.

एक ओर जहां अमेरिका अपने पायलट को सुरक्षित वापस लाने में जुटा है, वहीं ईरानी सेना भी उसे खोज रही है. ईरान की रेवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में जहां अमेरिकी विमान गिरा, उस इलाके को खंगाला जा रहा है. खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना ने इस गुमशुदा पायलट को खोजने पर इनाम की भी घोषणा की है.

ट्रंप ने कहा था, ईरान को "पूरी तरह तबाह" कर दिया

यह संभावना कि एक जिंदा अमेरिकी सैन्य पायलट ईरान में है, सुरक्षित बचकर भागने की कोशिश कर रहा है, और ईरानी सेना उसे खोज रही है, इसने फिलहाल अमेरिका पर दबाव बढ़ा दिया है. जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से एक इंटरव्यू में सवाल पूछा गया कि अगर ईरान ने पायलट को खोज लिया तो अमेरिका क्या करेगा, उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा नहीं होगा."

ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, दोनों दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी फोर्सेज ने आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया है. बल्कि, बस दो ही दिन पहले ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि पलटवार करने की ईरान क्षमता "पूरी तरह तबाह" कर दी गई है. मगर, मौजूदा घटना दिखाती है कि तमाम दावों के बावजूद ईरान के हवाई क्षेत्र में अब भी अमेरिकी और इस्राएली विमानों के लिए खतरा बना हुआ है.

खबरों के अनुसार, तकरीबन 20 साल में यह पहला मौका है जब दुश्मन के वार ने अमेरिकी सैन्य विमान को गिराया हो. इससे पहले 2003 में अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया था.

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