बाडेन-वुर्टेमबेर्ग विधानसभा चुनाव में ग्रीन पार्टी सबसे आगे
एग्जिट पोल के मुताबिक बाडेन-वुर्टेमबर्ग में ग्रीन पार्टी 32 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे है, जिससे चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सीडीयू के साथ मौजूदा गठबंधन जारी रहने की संभावना मजबूत हो गई है.
एग्जिट पोल के मुताबिक बाडेन-वुर्टेमबर्ग में ग्रीन पार्टी 32 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे है, जिससे चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सीडीयू के साथ मौजूदा गठबंधन जारी रहने की संभावना मजबूत हो गई है.जर्मनी के दक्षिणी राज्य बाडेन-वुर्टेमबैर्ग में हुए विधानसभा चुनावों में पर्यावरणवादी ग्रीन पार्टी ने बढ़त हासिल की है. चुनाव बाद सर्वेक्षणों के मुताबिक इस चुनाव में पार्टी पहले स्थान पर रहेगी. इसका मतलब है कि चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के साथ मौजूदा गठबंधन सरकार राज्य में आगे भी जारी रहेगी. इन दो पार्टियों के गठबंधन के अलावा कोई भी दो पार्टी बहुमत गठबंधन बनाने की हालत में नहीं है. मुख्य धारा की कोई भी पार्टी धुर दक्षिणपंथी एएफडी के साथ सहोयग करने को राजी नहीं है.
चुनाव केंद्रों के बंद होने के बाद सार्वजनिक प्रसारक एआरडी के पहले अनुमान के अनुसार ग्रीन पार्टी को 32 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. इसके बाद मैर्त्स की सीडीयू को 29 प्रतिशत और धुरदक्षिणपंथी ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को 17.5 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है. ये नतीजे दिखाते हैं कि एएफडी अब उन इलाकों से बाहर भी मजबूत हो रही है, जिन्हें उसकी परंपरागत जमीन नहीं माना जाता. अब तक एएफडी पूर्वी जर्मन राज्यों में ज्यादा मजबूत रही है. पिछले एक साल में देशभर में उसके सदस्यों की संख्या तेजी से बढ़ी है.
अहम राज्य, बाडेन-वुर्टेमबेर्ग
केंद्र सरकार में चांसलर मैर्त्स की सरकार में सहयोगी पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) को प्रारंभिक अनुमान में केवल 5.5 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है, जो पिछली बार का लगभग आधा है. यह पार्टी के लगातार गिरते जनसमर्थन को दिखाता है. विधानसभा में प्रवेश पाने के लिए जर्मनी में किसी भी पार्टी को 5 फीसदी मत हासिल करने होते हैं, इसलिए एसपीडी सदन में जगह बनाने में कामयाब रही है. लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर भी एसपीडी लगातार कमजोर हो रही है, इसलिए उसकी चिंता बढ़ रही है. उधर लेफ्ट पार्टी 5 फीसदी मत हासिल नहीं करती दिख रही, इसलिए उसे सदन में जगह नहीं मिल पाएगी.
बाडेन-वुर्टेमबर्ग जर्मनी के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है और यहां मर्सिडीज बेंज, पोर्शे और बॉश जैसी विश्व प्रसिद्ध कंपनियों के मुख्यालय हैं. यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से जर्मन ऑटो उद्योग की ताकत माना जाता है. लेकिन हाल के वर्षों में चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के बढ़ते दबाव के चलते यहां की अर्थव्यवस्था और ऑटो क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
पिछले दस साल से राज्य में ग्रीन-सीडीयू का गठबंधन सत्ता में है. इस बार मध्यमार्गी ग्रीन उम्मीदवार जेम ओएज्देमिर के राज्य प्रमुख बनने के आसार हैं. ओज्देमिर तुर्क मूल के हैं और जर्मनी में किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले तुर्क मूल के पहले व्यक्ति होंगे. जर्मनी में तुर्क मूल के लगभग 30 लाख लोग रहते हैं. जानकारों का मानना है कि ओएज्देमिर संघीय परिषद बुंडेसराट में मैर्त्स के लिए किसी प्रकार की राजनीतिक मुश्किल नहीं खड़ी करेंगे, क्योंकि यह सदन जर्मनी की संघीय व्यवस्था में राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है.
चांसलर मैर्त्स के लिए राहत की बात
अब तक माना जा रहा था कि राष्ट्रीय स्तर पर चांसलर मैर्त्स को मतदाताओं के साथ जुड़ने में मुश्किलें हो रही थीं. उनके सुधारों के वादे पूरे करने में देरी और लगातार दो साल की आर्थिक मंदी के बाद धीमी आर्थिक रिकवरी ने संघीय सरकार की लोकप्रियता को प्रभावित किया है. लेकिन राज्य के चुनाव नतीजे उनकी पार्टी के लिए राहत की बात हो सकते हैं क्योंकि पार्टी के वोट 5 फीसदी बढ़े हैं.
हालांकि प्रारंभिक चरण में पिछड़ने के बावजूद ग्रीन पार्टी ने मतदान के करीब आते-आते सीडीयू को पीछे छोड़ दिया. जानकारों का कहना है कि यह परिणाम उन कंजरवेटिव मतदाताओं में असंतोष को बढ़ा सकता है, जो पहले से ही बर्लिन में मैर्त्स की सरकार के प्रति गिरते समर्थन से चिंतित हैं.
बाडेन-वुर्टेमबर्ग का यह चुनाव वर्ष 2026 में होने वाले पांच राज्य चुनावों में पहला है. अगला चुनाव 22 मार्च को पड़ोसी राज्य राइनलैंड-पैलेटिनेट में होगा. इसके बाद सितंबर में बर्लिन, सैक्सनी-अनहाल्ट और मैकलेनबेर्ग-वेस्ट पोमेरेनिया में मतदान होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 09, 2026 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

