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जर्मनी: रेस्क्यू के दो दिन बाद फिर फंसी हंपबैक व्हेल

जर्मनी के शहर ल्यूबेक के पास रेस्क्यू की गई 15 मीटर लंबी हंपबैक व्हेल फिर से गहरे समुद्र का रास्ता भटक गई है.

जर्मनी: रेस्क्यू के दो दिन बाद फिर फंसी हंपबैक व्हेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी के शहर ल्यूबेक के पास रेस्क्यू की गई 15 मीटर लंबी हंपबैक व्हेल फिर से गहरे समुद्र का रास्ता भटक गई है. विसमार की खाड़ी में इसके दोबारा फंसने से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है.जर्मनी के बाल्टिक तट पर पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बनी रही एक हंपबैक व्हेल एक बार फिर मुसीबत में है. शनिवार को ग्रीनपीस ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू किए जाने के दो दिन के भीतर ही यह विशालकाय जीव विसमार की खाड़ी में एक रेत के टीले पर दोबारा फंस गई है.

यह व्हेल सबसे पहले सोमवार तड़के ल्यूबेक शहर के पास टिम्मेनडॉर्फर स्ट्रांड रिसॉर्ट के पास फंसी मिली थी. 12 से 15 मीटर लंबी इस व्हेल को बचाने के लिए जर्मनी में जबरदस्त अभियान चलाया गया, जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग ने पूरे देश का ध्यान खींचा.

तटरक्षक बल और दमकल विभाग की नावों ने बड़ी लहरें पैदा कर व्हेल को गहरे पानी की ओर धकेलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. आखिरकार गुरुवार को एक मिट्टी खोदने वाली मशीन की मदद से व्हेल के चारों ओर एक चैनल खोदा गया, जिससे वह शुक्रवार तड़के तैरकर बाहर निकल सकी. हालांकि, शनिवार दोपहर इसे फिर से विसमार की खाड़ी में फंसा हुआ देखा गया.

बाल्टिक सागर में खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, बाल्टिक सागर हंपबैक व्हेल के लिए सुरक्षित नहीं है. इसके जीवित रहने के लिए अटलांटिक महासागर पहुंचना जरूरी है, जो यहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर है. बाल्टिक सागर में व्हेल को कम खारे पानी, भोजन की कमी और रास्ता भटकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

माना जा रहा है कि यह व्हेल शायद हेरिंग मछलियों के झुंड का पीछा करते हुए यहां आ गई या रास्ता भटक गई होगी. विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि यह एक नर व्हेल है, क्योंकि नर अक्सर प्रवास करते हैं.

आगे क्या होगा?

मैक्लेनबुर्ग-पोमेरानिया के पर्यावरण मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि व्हेल दोबारा संकट में है. फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि फिर से कोई बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा या नहीं. हंपबैक व्हेल को संकट से बाहर आने के लिए जर्मन और डेनिश जलक्षेत्र से होते हुए वापस अटलांटिक महासागर तक का लंबा रास्ता तय करना होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2026 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).