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जर्मन विदेश मंत्री फिर इस्राएल दौरे पर, लेबनान भी जाएंगी

जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक एक बार फिर इस्राएल की यात्रा पर गई हैं.

जर्मन विदेश मंत्री फिर इस्राएल दौरे पर, लेबनान भी जाएंगी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक एक बार फिर इस्राएल की यात्रा पर गई हैं. 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद यह इस्राएल का उनका सातवां दौरा है. बेयरबॉक इस्राएल के अलावा रमल्ला और बेरूत भी जा रही हैं.24 जून को जर्मनी के पड़ोसी देश लक्जमबर्ग में यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों की एक बैठक के बाद बेयरबॉक सीधे इस्राएल के लिए रवाना हुईं. यहां वह तेल अवीव में हेर्त्सलीया सिक्यॉरिटी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी. इसका आयोजन राइषमन यूनिवर्सिटी और इंस्टिट्यूट फॉर पॉलिटिक्स एंड स्ट्रैटजी ने किया है.

इस्राएल और हमास के बीच जारी संघर्ष की पृष्ठभूमिक में बेयरबॉक रमल्ला में फलस्तीनी अथॉरिटी के प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा से भी बातचीत करेंगी. इसके बाद वह इस्राएली विदेश मंत्री इस्राएल कात्स से भी मिलेंगी.

गाजा में रेड क्रॉस के दफ्तर के पास हमले में 22 लोगों की मौत

बेयरबॉक लेबनान की राजधानी बेरूत में पीएम मिकाती से मुलाकात करेंगी. यहां भी हिज्बुल्लाह और इस्राएल की सीमा पर बने तनाव और खतरनाक स्थितियों पर बात होने की उम्मीद है.

हिज्बुल्लाह-इस्राएल में संघर्ष छिड़ने की आशंका

हालिया हफ्तों में लेबनान और इस्राएल के बीच युद्ध छिड़ने की आशंकाएं बढ़ी हैं. इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने 23 जून को कहा कि गजा में जारी युद्ध का "तीव्र चरण" अब खत्म हो रहा है. 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद पहली बार इस्राएली मीडिया को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, "हमास के साथ युद्ध का तीव्र चरण अब खत्म होने वाला है."

नेतन्याहू और हमास के नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की मांग

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब युद्ध खत्म होना नहीं, बल्कि राफा शहर में जारी लड़ाई का धीमा होना है. उन्होंने आगे की रणनीति का संकेत देते हुए कहा कि अब इस्राएल "कुछ फोर्स उत्तर में तैनात कर सकेगा." यह लेबनान के साथ जुड़ी इस्राएली सीमा है. हालांकि, नेतन्याहू ने यह भी कहा कि यह "मुख्य तौर पर रक्षात्मक कारणों से होगा."

बेयरबॉक की यात्रा में किन मुद्दों पर होगा फोकस

जर्मन विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीते हफ्ते बताया कि गजा पट्टी और वहां जारी मानवीय सहायता के अलावा वार्ता में 'दो राष्ट्र समाधान' भी मुख्य पक्ष होगा. जर्मन विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ईरान अपनी ड्रोनों और मिसाइलों से पूरे क्षेत्र को अस्थिर करना चाहता है. ऐसे में इस्राएल के साथ वार्ता के दौरान मध्यपूर्व एशिया में बार-बार पैदा होने हिंसा के चक्र को रोकने पर भी ध्यान होगा.

विदेश मंत्रालय ने गजा की विकट मानवीय स्थितियों पर कहा है कि इस जरूरी मसले को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है. मंत्रालय ने शांति बनाने पर जोर देते हुए कहा, "जर्मनी महीनों से एक मानवीय विराम का समर्थन कर रहा है, जो कि एक मानवीय संघर्ष विराम की ओर बढ़े और दो-राष्ट्र समाधान की राह बनाए."

जर्मन विदेश मंत्री ने की गाजा में मानवीय संघर्षविराम की अपील

बेयरबॉक पहले भी गजा में युद्धविराम, मानवीय सहायता और दो-राष्ट्र समाधान पर बोलती आई हैं. इस्राएली अखबार दी टाइम्स ऑफ इस्राएल के मुताबिक, अप्रैल में नेतन्याहू के साथ मुलाकात में बेयरबॉक ने कहा था कि "इस्राएल गजा को भुखमरी की ओर ले जा रहा है." उन्होंने नेतन्याहू से अपील की कि उनकी सरकार गजा पट्टी में ज्यादा खाद्य सामग्री भेजने की अनुमति दे. इस्राएली मीडिया के मुताबिक, यह मुलाकात काफी तनावपूर्ण रही थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2024 11:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).