Nepal Flash Floods: नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने से भीषण तबाही; मृतकों की संख्या बढ़कर 160 हुई, 133 भारतीयों समेत 761 लोग लापता

नेपाल और चीन (तिब्बत) सीमा पर स्थित पर्वतीय क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने और मलबे के बहाव के कारण भोटे कोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 160 हो गई है. लगभग 30 देशों के पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों सहित कुल 761 लोग लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल में 157 शव बरामद किए गए हैं और 28 पुलिसकर्मियों सहित 496 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

नेपाल बाढ़ त्रासदी (Photo Credits: File Image)

काठमांडू: नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में भोटे कोशी (Bhote Koshi) और त्रिशूली (Trishuli) नदी घाटियों में आई अप्रत्याशित बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 30 देशों के सैकड़ों पर्यटकों सहित 761 लोग लापता हैं.

आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि तिब्बत क्षेत्र में एक बड़े ग्लेशियर के टूटने और भारी मलबे के कारण नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से अवरुद्ध हो गया था. बाद में इस प्राकृतिक बांध के फटने से नीचे की बस्तियों में अचानक भारी जलप्रलय आ गया, जिससे दर्जनों गांव, बुनियादी ढांचे और होटल बह गए. यह भी पढ़ें: Nepal Flash Floods: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत का बड़ा राहत मिशन; वायुसेना के C-130 और C-17 विमान तैयार, 100 से अधिक भारतीय लापता

हताहतों और लापता लोगों के आंकड़े: नेपाल पुलिस और पर्यटन बोर्ड

नेपाल पुलिस द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार:

133 भारतीय और कई देशों के नागरिक शामिल

लापता विदेशी नागरिकों में कई देशों के पर्वतारोही और पर्यटक शामिल हैं:

नेपाल में अचानक आई बाढ़: मरने वालों की संख्या बढ़कर 160 हुई

तिब्बत में 3 की मौत और 265 लापता

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सीमा पार तिब्बत के इलाकों में भी इस जलप्रलय का गंभीर असर देखा गया है. चीनी अधिकारियों ने तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है.

भूकंप नहीं, ग्लेशियर का टूटना था मुख्य कारण: USGS

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने स्पष्ट किया है कि जिस घटना को शुरुआत में 4.4 तीव्रता का भूकंप समझा गया था, वह वास्तव में भूकंप नहीं बल्कि एक विशाल ग्लेशियर का ढहना (Glacial Collapse) और मलबे का अचानक बहाव था. सिस्मिक डेटा और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से साबित हुआ है कि भारी हिमस्खलन और मलबे के कारण यह तबाही उत्पन्न हुई.

अंतरराष्ट्रीय सहायता और राहत कार्य

इस मानवीय त्रासदी को देखते हुए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मदद का हाथ बढ़ाया है:

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