26 फरवरी की बड़ी खबरें और न्यूज अपडेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर यौन अपराध का आरोप लगाने वाली एक महिला की गवाही वाली फाइलें गायब हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर यौन अपराध का आरोप लगाने वाली एक महिला की गवाही वाली फाइलें गायब हैं. जानिए क्या हैं, 26 फरवरी 2026 की बड़ी सुर्खियां.डॉनल्ड ट्रंप से जुड़ी एप्स्टीन फाइल्स गायब
गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी
मंत्रियों को किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
जर्मन कंपनियों में सुस्त पड़ती इको फ्रेंडली विकास की पहल
जापान में लगातार 10वें साल गिरी जन्मदर
बाज को शराब पिलाने वाले शख्स को 45 दिन की जेल
अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में संरक्षित बाज को शराब पिलाने वाले व्यक्ति को 45 दिन की जेल की सजा दी गई. सेजार गुस्तावो ने एक पार्क में बाज को पकड़ा और फिर उसकी चोंच खोलकर पंछी को शराब पिलाई. इस घटना का वीडियो भी बनाया गया.
वीडियो के वायरल होने के बाद कैलिफोर्निया के फिश एंड वाइल्डलाइफ विभाग ने मामले पर कार्रवाई की. सेजार गुस्ताव पर पशुओं पर क्रूरता की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अदालत ने सेजार पर 220 डॉलर का जुर्माना भी लगाया. साथ ही उसे सामुदायिक सेवा और पशुओं पर क्रूरता के विरुद्ध एक परामर्श कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आदेश भी दिया गया. सेजार पर पांच साल तक किसी भी पशु को रखने और 10 साल तक बंदूक रखने का भी प्रतिबंध लगाया गया है.
10 सालों में न्यायाधीशों के खिलाफ मिलीं 8,600 से अधिक शिकायतें
भारतीय सुप्रीम कोर्ट को बीते 10 सालों में पद पर आसीन न्यायाधीशों के खिलाफ 8,600 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं. कानून मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश किए गए डाटा में यह जानकारी दी गई है. इसके मुताबिक, साल 2025 में 1,102 और 2024 में 1,170 शिकायतें प्राप्त हुईं. वहीं, सबसे कम 518 शिकायतें साल 2020 में प्राप्त हुईं.
लोकसभा में डीएमके सांसद वीएस माथेश्वरन ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुर्व्यवहार या अन्य गंभीर अपराधों की शिकायतों की जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में कानून मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त जानकारी के आधार पर शिकायतों की संख्या की जानकारी दी. ये शिकायतें किस प्रकार की थीं, किनके खिलाफ थीं और भ्रष्टाचार की शिकायतें कितनी थीं, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
कानून मंत्रालय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों के खिलाफ शिकायतें, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजी जाती हैं. वहीं, हाईकोर्ट जजों के खिलाफ शिकायतें, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजी जाती हैं. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के माध्यम से मिली शिकायतें भी मुख्य न्यायाधीशों के पास भेज दी जाती हैं.
केरल हाईकोर्ट ने केरल स्टोरी-2 की रिलीज पर लगाई रोक
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म 'द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड' की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी. हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट को चुनौती दी गई थी. जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ही फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया.
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि फिल्म केरल राज्य को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है और इसकी रिलीज से सांप्रदायिक सद्भाव की स्थिति बिगड़ सकती है. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि सीबीएफसी ने सर्टिफिकेट देते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया. कोर्ट ने कहा कि सीबीएफसी उसके समक्ष दायर की गईं समीक्षा याचिकाओं पर दो हफ्तों के अंदर विचार करे और फैसला ले.
कोर्ट ने कहा कि सीबीएफसी के अगले आदेश तक, फिल्म की रिलीज पर रोक रहेगी. यह फिल्म कल यानी 27 फरवरी को रिलीज होनी थी. जस्टिस थॉमस ने कहा कि आमतौर पर वे फिल्मों की रिलीज में हस्तक्षेप करने से बचते हैं, लेकिन यहां उन्हें ऐसा करना पड़ा क्योंकि फिल्म के कथित कंटेंट में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता हो सकती है.
डॉनल्ड ट्रंप से जुड़ी एप्स्टीन फाइल्स गायब
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कथित सेक्स अपराध से जुड़ी एस्प्टीन फाइलें गायब हैं. बच्चों के यौन अपराधी और तस्कर जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेज जारी कर रहे अमेरिका के न्याय विभाग ने गायब फाइलों की समीक्षा करने की बात कही है. न्याय विभाग के मुताबिक फाइलें लापता होने के पीछे कोई गलत इरादा नहीं है.
अमेरिका की विपक्षी पार्टी डेमोक्रैट्स ने, राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन पर "आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा सरकारी छुपावा" करने का आरोप लगाया है.
असल में लापता हुई फाइलों में ऐसे दस्तावेज हैं, जिनमें एक महिला ने डॉनल्ड ट्रंप पर यौन हमले का आरोप लगाया है. दस्तावेजों में उस महिला का एफबीआई को दिया विस्तृत बयान है. अमेरिका के सरकारी प्रसारक एनपीआर ने न्याय विभाग द्वारा रिलीज की जा रही एस्प्टीन फाइल्स की जब पड़ताल की तो पता चला कि उस महिला की गवाही से जुड़ी फाइलें गायब हैं.
ट्रंप लगातार यौन अपराध और नाबालिग से बलात्कार करने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं. हालांकि, ऐसे कई वीडियो और फोटोग्राफ हैं जो ट्रंप और यौन अपराधी एप्स्टीन की करीबी दोस्ती की तरफ इशारा करते हैं.
जर्मनी में कैश अब भी किंग, नोटों और सिक्कों से भुगतान करने पर भरोसा बढ़ा
यूरोप में जर्मनी अब भी नगद भुगतान को सबसे ज्यादा पसंद करने वाला देश है. कैशलेस लेनदेन की तरफ बढ़ती दुनिया के उलट जर्मनी में नोटों और सिक्कों से भुगतान करने पर भरोसा, बीते एक साल में और ज्यादा बढ़ा है.
मार्केट रिसर्च इंस्टीट्यूट यूगोव के ताजा यूरोपीय सर्वे में यह बात सामने आई है. कंसल्टिंग फर्म बियरिंगप्वाइंट के लिए किए गए इस सर्वे में 73 फीसदी जर्मनी ने माना कि कैश लेनदेन अब भी उनके लिए सबसे आम भुगतान प्रणाली है. 2024 में ऐसा कहने वाले लोगों की संख्या 69 प्रतिशत थी.
नंबर दो पर यूरोप का दूसरा जर्मनभाषी देश ऑस्ट्रिया है. वहां 1,000 लोगों से जब यही सवाल पूछा गया तो 71 फीसदी ने नगद भुगतान को ही अपना पसंदीदा पेमेंट तरीका बताया.
नौ यूरोपीय देशों में किए गए इस सर्वे में स्विट्जरलैंड के 61, आयरलैंड के 58, फ्रांस के 51 और नीदरलैंड्स के 46 फीसदी लोगों ने कैश को पेमेंट का पसंदीदा माध्यम बताया. वहीं फिनलैंड में 42, डेनमार्क में 32 और स्वीडन में 25 प्रतिशत लोगों ने कैश का साथ दिया.
तेल उत्पादक ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक रविवार को
दुनिया को सबसे ज्यादा पेट्रोलियम ऊर्जा सप्लाई करने वाले ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक रविवार, 1 मार्च को होगी. इस बैठक में उत्पादन को लेकर बातचीत होगी. विश्व भर में मची भूराजनीतिक खींचतान के कारण ओपेक प्लस देशों की एक तिहाई सप्लाई पर असर पड़ा है.
ओपेक प्लस देश अप्रैल में उत्पादन में 1,37,000 बैरल प्रतिदिन का इजाफा कर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में पेट्रोलियम ऊर्जा की मांग 37 लाख बैरल प्रतिदिन तक जा सकती है.
ओपेक देशों में अल्जीरिया, कॉन्गो, गिनी, गाबोन, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, नाइजीरिया, सऊदी अरब, यूएई और वेनजुएला शामिल हैं. ओपेक से जुड़े अन्य देशों को ओपेक प्लस कहा जाता है. इनमें रूस, अजरबैजान, बहरीन, ब्रूनेई, कजाखस्तान, मलेशिया, मेक्सिको, ओमान, साउथ सूडान और सूडान शामिल हैं.
पेट्रोलियम ऊर्जा की कीमत तय करने में ओपेक देशों के उत्पादन की बड़ी भूमिका रही है. इसे घटाने या बढ़ाने का असर पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में दिखता है.
‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ होने का दावा करने वाली किताब पर सुप्रीम कोर्ट का बैन
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक विज्ञान की उस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार होने का जिक्र था. आठवीं कक्षा की यह किताब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने जारी की थी, जिसके एक चैप्टर में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ नाम का एक सेक्शन था. सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में सुनवाई शुरू की है.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि यह एक गहरी साजिश का परिणाम है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाया जाना चाहिए. कोर्ट ने एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय को इस किताब की सभी प्रतियों को बाजार से हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि किताब की डिजिटल प्रतियों को भी लोगों की पहुंच से दूर किया जाए.
कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग और एनसीईआरटी के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी को नोटिस भेज कर पूछा कि उनके या अपमानजनक चैप्टरों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अदालत की अवमानना कानून के तहत उचित कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए. कोर्ट ने उन सदस्यों की भी जानकारी मांगी है, जिन्होंने विवादित चैप्टर को लिखा था.
जापान में लगातार 10वें साल गिरी जन्मदर
जापान में 2025 में भी जन्मदर में गिरावट देखी गई है. गुरुवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यह लगातार 10वां साल है जब देश में जन्मदर सिकुड़ी है.
2025 में जापान में 7.05 लाख बच्चे पैदा हुए. 2024 के मुकाबले यह संख्या 2.1 फीसदी कम है. जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन आंकड़ों में जापान में पैदा हुए सभी बच्चे और जापानी नागरिकों के विदेशों में पैदा हुए बच्चे शामिल हैं.
दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था जापान की आबादी करीब 12.3 करोड़ है. इस जनसंख्या में करीब 30 फीसदी लोग 65 साल से ज्यादा उम्र के हैं. बीते 14 साल से देश की जनसंख्या लगातार कम होती जा रही है. नवंबर 2025 में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी कहा कि घटती जनसंख्या जापान की सबसे बड़ी समस्या है.
मंत्रियों को किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा, किसी भी समुदाय को भाषणों, मीम्स, कार्टूनों या विजुअल आर्ट के जरिए बदनाम करना या नीचा दिखाना अस्वीकार्य है. कोर्ट ने जोर देकर कहा कि उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन सार्वजनिक हस्तियों जैसे मंत्रियों को धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि यह संविधान का उल्लंघन होगा.
कानूनी खबरों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने घूसखोर पंडत फिल्म से जुड़े आदेश में यह टिप्पणियां कीं. इस फिल्म के शीर्षक के खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं कि यह एक वर्ग के लिए अपमानजनक है. विवाद होने पर फिल्म के निर्माताओं ने कोर्ट से कहा कि वे फिल्म का नाम बदल देंगे, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को बंद कर दिया.
जस्टिस उज्ज्वल भुयान की इन टिप्पणियों को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जोड़कर भी देखा जा रहा है. सरमा पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कई भाषणों और एक वीडियो में समुदाय विशेष को निशाना बनाया है. उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी लेकिन सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उन याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया.
जर्मन कंपनियों में सुस्त पड़ती इको फ्रेंडली विकास की पहल
जलवायु सुरक्षा और पर्यावरण सम्मत टिकाऊ विकास के मुद्दे पर जर्मन कंपनियों का ध्यान भटक रहा है. जर्मनी की एक अहम संस्था बेर्ट्समान फाउंडेशन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया है. गुरुवार को जारी की गई इस रिपोर्ट के लिए 800 से ज्यादा कंपनियों का सर्वे किया गया. इनमें से करीब 60 फीसदी कंपनियों ने कहा कि उनके भीतर टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ने का माहौल कमजोर पड़ा है.
जर्मनी में अब जलवायु नहीं, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक असमानता हैं बड़ी चिंताएं
रिएल स्टेट और वित्त प्रबंधन से जुड़ी 73 फीसदी कंपनियों ने माना कि उनके बोर्ड स्तर या शीर्ष स्तर पर टिकाऊ विकास के प्रति जिम्मेदारी को अब भी अहम माना जाता है, लेकिन कई ने यह भी स्वीकार किया कि इस दिशा में कदम सुस्त पड़े हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक असमंजस, मार्केट इंसेटिव्स की कमी और बदलता भूराजनीतिक माहौल इस भटकाव के बड़े कारण हैं. इनकी वजह से कंपनियों में पर्यावरण सम्मत टिकाऊ विकास की नई पहल, 7 फीसदी कम हुई है.
पीएम मोदी ने कहा, इस्राएल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राएल के दो दिवसीय दौरे पर हैं. बुधवार, 25 फरवरी को उन्होंने इस्राएली संसद नेसेट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के हमले का जिक्र करते हुए कहा, “हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में भागीदार हैं. भारत इस समय और भविष्य में भी इस्राएल के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत "स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है".
भारत के सरकारी प्रसारक डीडी न्यूज की खबर के मुताबिक, पीएम मोदी इस्राएली संसद को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने. संबोधन से पहले उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी ने इस सम्मान को दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच अटूट मित्रता की पहचान बताया. संसद को संबोधित करने के बाद मोदी और नेतन्याहू एक कार में सवार होकर एक तकनीक प्रदर्शनी देखने पहुंचे.
प्रदर्शनी के दौरान पीएम मोदी ने इस्राएली कंपनियों को भारत में निवेश करने और भारत के प्रतिभाशाली युवाओं का साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया. बुधवार को नेतन्याहू ने मोदी के लिए रात्रिभोज की भी मेजबानी की. इस दौरान नेतन्याहू शर्ट-पैंट के ऊपर हाफ जैकेट पहने नजर आए, जिसे भारत में नेहरू जैकेट भी कहा जाता है.
गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दावा किया है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा कर रहा है. बुधवार को दोनों नेताओं ने इसे अमेरिकी हितों के लिए एक बड़ा खतरा बताया.
उनके इस दावे में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान की गूंज भी है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइले बना सकता है. ट्रंप ने मंगलवार को अपने स्टेट ऑफ यूनियन भाषण में ईरान पर यह आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से तेहरान को हमले की चेतावनी भी दी.
गुरुवार को जिनेवा में ईरान और अमेरिका के अधिकारियों की बातचीत होने वाली है. इस बातचीत से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने कहा, "वे अभी (यूरेनियम) संवर्धन नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे उस बिंदु तक पहुंचना चाहते हैं जहां वे ऐसा कर सकते हैं."
दोनों देशों के बीच बातचीत ऐसे वक्त में हो रही है, जब इराक युद्ध के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा जमावड़ा लगा है. अमेरिकी अधिकारी बीच बीच में ईरान पर हमले के मिश्रित संकेत भी दे रहे हैं.