Commonwealth Games 2030: अहमदाबाद बनेगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का मेजबान, क्लोजिंग सेरेमनी में होगा भव्य स्वागत
वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे. भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में सफल आयोजन हुआ था. अहमदाबाद के आधुनिक स्टेडियम और विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा. यह आयोजन भारत को वैश्विक खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
Commonwealth Games 2030: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल आने वाला है. अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के मेजबान शहर के रूप में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा. वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल (Centenary Edition) पूरे करेंगे और यह ऐतिहासिक संस्करण भारत के गुजरात स्थित अहमदाबाद में आयोजित होगा. समापन समारोह में भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आधुनिक खेल अवसंरचना की झलक दुनिया को दिखाई जाएगी. यह भी पढ़ें: India At Commonwealth Games 2026 Medal Tally: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत चौथे स्थान पर रहा, बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 गोल्ड समेत जीते कुल 39 पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला आयोजन साल 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था. अब 100 साल बाद इसका शताब्दी संस्करण भारत की मेजबानी में आयोजित होना भारतीय खेल इतिहास के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
क्लोजिंग सेरेमनी में होगा अहमदाबाद का आधिकारिक स्वागत
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज (Flag) और होस्ट बैटन (Host Baton) औपचारिक रूप से अहमदाबाद को सौंपा जाएगा. इसी के साथ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की आधिकारिक मेजबानी यात्रा की शुरुआत होगी.
इस मौके पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी अगुवाई मशहूर गायक शंकर महादेवन करेंगे. अभिनेत्री रश्मिका मंदाना भी इस विशेष प्रस्तुति का हिस्सा होंगी.
भारत की संस्कृति की दिखेगी झलक
हैंडओवर सेरेमनी को तीन विशेष प्रस्तुतियों में बांटा गया है, जिनके जरिए भारत की सांस्कृतिक पहचान दुनिया के सामने पेश की जाएगी. 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी. प्रसिद्ध सितार वादक ऋषभ ऋखीराम शर्मा और स्कॉटलैंड के बैगपाइपर रॉस ऐन्सली के बीच अनूठी जुगलबंदी देखने को मिलेगी. अंतिम प्रस्तुति में गुजरात को केंद्र में रखते हुए भारत की विविध संस्कृति और विरासत का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा.
क्या है King's Baton Relay?
King's Baton Relay कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में से एक है. इसमें ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय (King Charles III) का संदेश कॉमनवेल्थ देशों तक पहुंचाया जाता है. इस बार पहली बार इतिहास में हर सदस्य देश और क्षेत्र के लिए अलग-अलग बैटन तैयार किए गए हैं, जो उनकी संस्कृति और पहचान को दर्शाएंगे. यह रिले समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों के माध्यम से पूरी की जाती है.
2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में बड़ा कदम
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, जो इन दिनों ग्लासगो में मौजूद हैं, पहले ही पुष्टि कर चुके हैं कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन अहमदाबाद में होगा. अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों को गुजरात की आधुनिक खेल सुविधाओं से परिचित कराने के लिए Ahmedabad Experience Centre भी शुरू किया जा रहा है. माना जा रहा है कि यह आयोजन भारत की वैश्विक खेल छवि को मजबूत करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी को भी नई मजबूती देगा.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 क्यों होगा खास?
वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपनी 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे. भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में सफल आयोजन हुआ था. अहमदाबाद के आधुनिक स्टेडियम और विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा. यह आयोजन भारत को वैश्विक खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

