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अमेरिकी, इस्राएली हमले तेज, ईरानी ड्रोनों से खाड़ी देशों में नुकसान

खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान ने उनके पानी के संयंत्रों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं.

अमेरिकी, इस्राएली हमले तेज, ईरानी ड्रोनों से खाड़ी देशों में नुकसान
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान ने उनके पानी के संयंत्रों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं. वहीं, इस्राएल और अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं, और ईरानी तेल केंद्रों को निशाना बनाया है.ईरान ने रविवार, 8 मार्च को खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचों पर हमले किए हैं. ईरानी ड्रोनों ने कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन टैंकों को निशाना बनाया और बहरीन में एक डिसेलिनेशन प्लांट (खारे पानी को पीने लायक बनाने वाला संयंत्र) को नुकसान पहुंचाया. कुवैत के गृह मंत्रालय ने हालात के बारे में विस्तार से बताए बिना जानकारी दी कि दो सीमा रक्षकों की "राष्ट्रीय कर्तव्य निभाते हुए" मौत हुई है.

समाचार एजेंसी एएफपी के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका और इस्राएल की ओर से ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई अभियान शुरू करने के बाद पड़ोसी खाड़ी देशों को ईरान की जवाबी कार्रवाई का बड़ा हिस्सा झेलना पड़ा है. जंग शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों में 16 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 8 आम नागरिक थे.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर पड़ोसी देशों के इलाके का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया जाता है, तो ईरान उन देशों के खिलाफ "जवाब देने के लिए मजबूर होगा." इससे एक दिन पहले, 7 मार्च को पेजेश्कियान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के मेजबान इन पड़ोसी देशों से उनके इलाके में हुए हमलों के लिए माफी मांगी थी.

बुनियादी नागरिक ढांचों पर हमले

बहरीन के गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ईरान के ड्रोन हमले ने पानी के डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने तेहरान पर नागरिक बुनियादी ढांचे को "अंधाधुंध" निशाना बनाने का आरोप लगाया. बहरीन के राष्ट्रीय संचार कार्यालय ने अलग से बताया कि डिसेलिनेशन प्लांट पर ईरानी हमले का पानी की सप्लाई या नेटवर्क की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प ने शनिवार को कहा कि उन्होंने बहरीन में अमेरिका के जुफैर बेस पर हमला किया है. ईरान का दावा है कि इसी बेस का इस्तेमाल शनिवार को उसके कश्म द्वीप में बने डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला करने के लिए किया गया था. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि इससे 30 गांवों की पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है. हालांकि अभी तक इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.

खाड़ी देशों में तेल और गैस से चलने वाले ऐसे लगभग 400 प्लांट हैं और दुनिया का लगभग 40 फीसदी डिसेलिनेटेड पानी यहीं बनाया जाता है. ऐसा अनुमान है कि बहरीन अपने पीने के पानी का बड़ा हिस्सा इन्हीं संयंत्रों में बनाता है.

तेहरान का तेल डिपो बना निशाना

शनिवार रात तेहरान में एक तेल भंडारण केंद्र पर इस्राएली हमले से आग की भीषण लपटें उठीं. फारस समाचार एजेंसी ने खबर दी कि शनिवार के हमलों ने तेहरान और अल्बुर्ज में चार तेल भंडारण केंद्रों और एक प्रोडक्शन ट्रांसफर सेंटर को निशाना बनाया. इसमें चार टैंकर चालकों की मौत हो गई.

इस्राएली सेना ने रविवार को कहा कि इस्लामिक क्रांति से पहले अमेरिका से खरीदे गए ईरानी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है. तेहरान के दक्षिण में इश्फाहान हवाई अड्डे पर खड़े एफ-14 विमानों का बेड़े का इस्तेमाल ईरान अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए करता रहा है. ये लड़ाकू विमान नष्ट हुए हैं या नहीं, इस बारे में इस्राएली सेना ने कुछ नहीं बताया.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम 1,230 लोग और लेबनान में 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इस्राएल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं और अमेरिकी सेना के 6 जवानों की अब तक मौत हो चुकी है.

लगातार जारी ईरानी ड्रोन हमले

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और कुवैत ने उनके क्षेत्रों पर हुए नए हमलों की सूचना दी है. इससे एक दिन पहले दुबई और बहरीन के मनामा में तेज धमाके सुनाई दिए थे. सेना ने कहा कि कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन टैंकों को एक ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया. कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने कहा कि हवाई अड्डे पर लगी आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के "गंभीर रूप से घायल" होने की खबर नहीं है. कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने अपने कच्चे तेल के उत्पादन में "एहतियातन" कटौती की घोषणा की है.

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसने "33 ड्रोनों को मार गिराया और इन हमलों से किसी नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है." मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि करीब 26 ड्रोनों ने राजधानी और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया. उन्हीं में से एक ड्रोन रियाद के राजनयिक इलाके को निशाना बना रहा था, जिसे बिना किसी नुकसान के नाकाम कर दिया गया. मंत्रालय के मुताबिक, एक ड्रोन ने देश के दक्षिण-पूर्व में शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाया है.

ईरानी राष्ट्रपति की ओर से खाड़ी देशों से पिछले हमलों के लिए माफी मांगने के बावजूद, कुछ ही घंटों बाद ईरानी न्यायपालिका के प्रमुख ने कहा कि खाड़ी देशों के उन ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे जो "दुश्मन के लिए उपलब्ध" थे.

दुबई और अबुधाबी पर असर

यूएई ने कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम "ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों" का जवाब दे रहा है. वहीं कतर ने कहा कि उसने पिछले दिन ईरान से दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और दो क्रूज मिसाइलों में से ज्यादातर को बिना किसी नुकसान के रोक दिया. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने एक विरले टेलीविजन संबोधन में कहा कि अमीरात "युद्ध के दौर" में रहे और वे इससे "मजबूत हो कर उभरेंगे."

एक ड्रोन हमले के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक दुबई एयरपोर्ट को शनिवार को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2026 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).