पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर संसद और कैबिनेट में चर्चा करने का दबाव बढ़ गया है. प्रधानमंत्री के राजनीतिक एवं सार्वजनिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि वह इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठाएंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि इसे संसद और कैबिनेट में चर्चा के लिए शामिल किया जाए.
पाकिस्तान का शर्मनाक प्रदर्शन
टूर्नामेंट के मेजबान पाकिस्तान की यात्रा बेहद खराब रही, जहां उन्हें न्यूजीलैंड से 60 रनों से और भारत से 6 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. इसके अलावा, बांग्लादेश के खिलाफ उनका अंतिम ग्रुप मैच बारिश के कारण रद्द हो गया. इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद देशभर में क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नीतियों और टीम चयन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
PCB पर जवाबदेही तय करने की मांग
राणा सनाउल्लाह ने जियो टीवी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक स्वतंत्र संस्था है, लेकिन इसके कामकाज को लेकर जवाबदेही तय करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, "पिछले एक दशक से बोर्ड में लगातार बदलाव हो रहे हैं और क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आ रहे हैं. क्लब, विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर खेल की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जबकि PCB में बड़े पैमाने पर खर्च हो रहा है."
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बोर्ड में भारी वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि ग्रासरूट स्तर पर क्रिकेट की स्थिति खराब होती जा रही है. "मेंटर्स को पांच मिलियन रुपये दिए जा रहे हैं और वे खुद मीडिया में यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का ही पता नहीं है. आखिर ये पैसा क्यों और किसके लिए खर्च हो रहा है?"
PCB के खर्चों की संसद में होगी जांच?
सनाउल्लाह ने कहा कि PCB और खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "अगर आप PCB के अधिकारियों और खिलाड़ियों की सुविधाओं को देखें तो आपको ऐसा लगेगा कि हम किसी यूरोपीय देश में हैं, न कि पाकिस्तान में. प्रधानमंत्री खुद इस पर संज्ञान लेंगे."
उन्होंने यह भी कहा कि PCB में ऐसे लोगों की नियुक्ति हो रही है जो अपने पदों का उपयोग निजी लाभ के लिए कर रहे हैं, जिससे बोर्ड और क्रिकेट की स्थिति लगातार गिरती जा रही है. "हमें एक स्थायी और पेशेवर बोर्ड की जरूरत है, जैसा कि दुनिया के अन्य देशों में होता है," उन्होंने कहा.
क्रिकेट सुधारों की जरूरत
राणा सनाउल्लाह के इस बयान के बाद पाकिस्तान में क्रिकेट सुधारों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं कि क्या वह वास्तव में PCB की कार्यशैली पर कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर यह मामला भी अन्य राजनीतिक मुद्दों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा.













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