बिना सर्जरी के नसबंदी करने वाली वैक्सीन विकसित
चिली के वैज्ञानिकों ने एक वैक्सीन विकसित की है जो जानवरों की अस्थायी नसबंदी कर सकती है.
चिली के वैज्ञानिकों ने एक वैक्सीन विकसित की है जो जानवरों की अस्थायी नसबंदी कर सकती है. बड़े पैमाने पर जानवरों की नसबंदी करने में बिना सर्जरी की यह प्रक्रिया काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.फिंडली का नसीब अच्छा है कि वह एक वैज्ञानिक प्रयोग का हिस्सा बना. इस छोटे सफेद और भूरे चिलियन टेरियर कुत्ते की नसबंदी एक नई तकनीक के जरिए बिना किसी सर्जरी के हो गई. फिंडली दुनिया के उन पहले कुत्तों में से एक है जिनकी नसबंदी बिना किसी सर्जरी के हुई.
यह प्रक्रिया सैंटियागो में उसके घर पर ही की गई. तब उसकी मालकिन उसे पकड़कर रखे हुए थी. प्रक्रिया के दौरान और बाद में खाने के लिए उसे ट्रीट्स दी गईं. इसके बाद, वह ऐसा दिखा मानो कुछ हुआ ही न हो और मस्ती से इधर-उधर दौड़ने लगा.
प्रक्रिया के लिए ना तो फिंडली को बेहोश किया गया और ना ही कोई चीरफाड़ हुई. बस एक साधारण इंजेक्शन दिया गया, जिसे वैक्सीन के रूप में विकसित करने वालों ने 'इम्यूनोकैस्ट्रेशन वैक्सीन' कहा है. इस वैक्सीन का नाम है "एगालिटे".
कई तरह के फायदे
इस वैक्सीन को विकसित करने वाले चिली यूनिवर्सिटी के वेटरनरी विशेषज्ञ और प्रोफेसर लियोनार्डो साएंज का कहना है कि यह वैक्सीन उस हॉर्मोन को ब्लॉक करती है जो प्रजनन के लिए जिम्मेदार होता है, और यह प्रक्रिया वापस पलटी जा सकती है.
उन्होंने समझाया, "अगर हम उस हॉर्मोन को ब्लॉक कर देते हैं, तो गोनाडोट्रोपिन नहीं निकलता और इसीलिए सेक्सुअल हार्मोन्स भी नहीं बनते, जिससे जानवर नसबंदी की स्थिति में रहता है."
यह वैक्सीन नर और मादा दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है और इसकी कीमत लगभग 50,000 चिलियन पेसोस (करीब 4,500 भारतीय रुपये) है. इसके लिए पशु चिकित्सक की पर्ची और यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की जरूरत होती है कि कुत्ता इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त है या नहीं.
साएंज का कहना है कि यह उत्पाद बड़े पैमाने पर जानवरों की नसबंदी में भी मदद कर सकता है, क्योंकि यह सर्जिकल नसबंदी से कम जटिल और कम आक्रामक है. भारत जैसे देशों में यह तकनीक कामयाब हो सकती है जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी एक चुनौतीपूर्ण काम होता है.
उन्होंने कहा, "इंजेक्शन देना बहुत आसान है और अगर आपको प्रजनन नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में जानवरों का टीकाकरण करना हो, तो यह एक अच्छा विकल्प है."
मालिकों के लिए सुविधाजनक
फिंडली की मालकिन तामारा जामोरानो कहती हैं कि उन्होंने यह तरीका इसलिए चुना क्योंकि एक तो यह बहुत सरल है और स्थायी नहीं है.
उन्होंने कहा, "दूसरी प्रक्रिया, यानी सर्जिकल नसबंदी से हम थोड़े डरे हुए थे. यह प्रक्रिया न सिर्फ सरल है, बल्कि उलटी भी जा सकती है, ताकि अगर हम भविष्य में उसका प्रजनन करना चाहें, तो सही समय पर कर सकें."
फिंडली ने इस प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं की, हालांकि इंजेक्शन के दौरान वह थोड़ा हिला, लेकिन बाद में उसने खुशी-खुशी पशु चिकित्सक के हाथ को चाटा और अपनी मस्ती में वापस लौट गया.
वीके/सीके (रॉयटर्स)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2024 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

