टेक

Space Cooking: अंतरिक्ष में कैसे पकती है ताजी प्याज? भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने दिखाया स्पेस स्टेशन का 'Chez ISS' किचन

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर माइक्रोग्रैविटी में खाना पकाने की अनूठी तकनीक की झलक सोशल मीडिया पर साझा की है.'Chez ISS' सीरीज के तहत जारी वीडियो में मेनन अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों जेसिका मीर और जैक हैथवे के साथ अंतरिक्ष में ताजी प्याज को स्लो-कुक करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

Space Cooking: अंतरिक्ष में कैसे पकती है ताजी प्याज? भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने दिखाया स्पेस स्टेशन का 'Chez ISS' किचन
Anil Menon Gives Glimpse of Slow Cooking Aboard ISS (Photo Credits: X/@astro_anil)

वाशिंगटन/नई दिल्ली: पृथ्वी से सैकड़ों मील ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर शोध कर रहे भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन (Anil Menon) ने माइक्रोग्रैविटी (शून्य गुरुत्वाकर्षण) में दैनिक जीवन और खानपान से जुड़ा एक रोचक अपडेट साझा किया है. मेनन ने सोशल मीडिया पर 'Chez ISS - एपिसोड 2' शीर्षक के साथ एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अंतरिक्ष यात्री ताजी प्याज को धीमी आंच (Slow-cooking) पर पकाते नजर आ रहे हैं.

यह प्रयोग नासा की अंतरिक्ष कृषि और खाद्य प्रणाली अनुसंधान का हिस्सा है, जिसमें यह परखा जा रहा है कि अंतरिक्ष यात्री अपने पारंपरिक पैकेज्ड और डिहाइड्रेटेड भोजन के पूरक के रूप में ताजी सब्जियों का उपयोग कैसे कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन: 50 साल बाद फिर चंद्रमा की ओर रवाना होंगे इंसान, आज होगा लॉन्च

माइक्रोग्रैविटी में खाना पकाने की तकनीकी चुनौतियां

शून्य गुरुत्वाकर्षण में भोजन पकाना पृथ्वी की तुलना में बिल्कुल अलग और जटिल प्रक्रिया है:

  • संवहन और तरल पदार्थों का नियंत्रण: माइक्रोग्रैविटी में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण तरल पदार्थ बर्तन में नीचे नहीं बैठते और गर्मी का सामान्य संवहन (Convection) नहीं होता.
  • विशेष उपकरण और सीलबंद कंटेनर: केबिन के वातावरण में तरल बूंदों या गैस-भाप को बिखरने से रोकने के लिए अंतरिक्ष यात्री विशेष हीटिंग उपकरण, सीलबंद पाउच और नियंत्रित तापमान वाले स्लो-कुकिंग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.
  • ताजा स्वाद और बनावट: प्याज जैसी सब्जियों को नियंत्रित तापमान पर पकाने से वे भाप छोड़े बिना नरम हो जाती हैं, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को पैकेज्ड खाने की तुलना में बेहतर स्वाद और पोषण मिलता है.

स्पेस-ग्रोन फार्मिंग: हरी सब्जियों के बाद प्याज का नंबर

यह प्रयोग स्टेशन पर हाल ही में ताजी फसलों की कटाई के बाद किया गया है. नासा के वेजी (Veggie) प्लांट ग्रोथ सिस्टम के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों ने हाल ही में केल (Kale) और वसाबी मस्टर्ड (Wasabi Mustard) जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों की सफलतापूर्वक कटाई की थी:

  • वेजी सिस्टम में विशेष एलईडी लाइटिंग और पोषक तत्वों से भरपूर सॉइल पिलोज का उपयोग करके यह समझा जाता है कि पौधों की जड़ें और पत्तियां भारहीनता में कैसे अनुकूलन करती हैं.
  • लंबे समय तक स्टोर किए गए सूखे भोजन में धीरे-धीरे नष्ट होने वाले सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micro-nutrients) की पूर्ति के लिए ताजी सब्जियां महत्वपूर्ण साबित होती हैं.

अनिल मेनन ने ISS पर धीमी आंच पर खाना पकाने की झलक दिखाई

भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए क्यों अहम है यह शोध?

नासा का ताजा भोजन उगाने और पकाने का यह प्रयास केवल अंतरिक्ष यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक मानव मिशनों की आधारशिला है:

  • आत्मनिर्भरता: नासा के आगामी आर्टेमिस (Artemis) मून मिशन और भविष्य के मानवयुक्त मंगल मिशन (Mars Missions) के दौरान पृथ्वी से बार-बार आपूर्ति भेजना संभव नहीं होगा, इसलिए अंतरिक्ष में भोजन की खेती और तैयारी जीवन रक्षा के लिए आवश्यक होगी.
  • मानसिक स्वास्थ्य लाभ: मिशन मनोवैज्ञानिकों और फ्लाइट सर्जनों के अनुसार, अंतरिक्ष में ताजी सब्जियां उगाना, पकाना और सहकर्मियों के साथ साझा करना लंबी अवधि के मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से भावनात्मक जुड़ाव और सकारात्मक मानसिक संतुलन प्रदान करता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2026 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).