Mars Sunset Photo: क्या आपने मंगल ग्रह का सूर्यास्त देखा है? NASA के इंजेनुयिटी हेलिकॉप्टर ने ली सनसेट की शानदार फोटो
स्पेस.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटे हेलिकॉप्टर के उच्च-रिजॉल्यूशन वाले रंगीन कैमरे ने 22 फरवरी को सूर्य को कैद कर लिया. इमेज दिखाती है कि सूरज कुछ दूरी पर पहाड़ी की चोटी के क्षितिज से थोड़ा ऊपर लटका हुआ है, जो कि इंजेनुयिटी के 714वें मंगल दिवस, या सोल पर स्थापित होने की प्रक्रिया में पकड़ा गया है.
वाशिंगटन, 11 मार्च: नासा के इंजेनुयिटी हेलिकॉप्टर ने अपनी 45वीं उड़ान के दौरान लाल ग्रह पर सूर्यास्त का एक शॉट लिया. स्पेस.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटे हेलिकॉप्टर के उच्च-रिजॉल्यूशन वाले रंगीन कैमरे ने 22 फरवरी को सूर्य को कैद कर लिया. इमेज दिखाती है कि सूरज कुछ दूरी पर पहाड़ी की चोटी के क्षितिज से थोड़ा ऊपर लटका हुआ है, जो कि इंजेनुयिटी के 714वें मंगल दिवस, या सोल पर स्थापित होने की प्रक्रिया में पकड़ा गया है. यह भी पढ़ें: NASA Solar Eclipse Map For 2023 and 2024: 'रिंग ऑफ फायर' सूर्य ग्रहण से लेकर टोटल ग्रहण तक, यहां देखें आनेवाले सूर्य ग्रहण की तारीख और जगह
तस्वीर में चमकने वाली किरणें जेजेरो क्रेटर के अंदर रेत और चट्टानों के रोलिंग विदेशी परि²श्य को रोशन करने में मदद करती हैं. इंजेनुयिटी हेलिकॉप्टर 18 फरवरी, 2021 को जेजेरो क्रेटर के तल पर नासा के प्रिसवरेंस रोवर के साथ उतरा. यह पृथ्वी से परे संचालित उड़ान बनाने वाला अब तक का पहला रोटरक्राफ्ट बन गया. मात्र 1.8 किलोग्राम वजनी, इसने साबित कर दिया है कि ग्रह के पतले वातावरण के बावजूद मंगल ग्रह पर हवाई अन्वेषण संभव है.
इसे मूल रूप से अपनी अग्रणी तकनीक को साबित करने के लिए केवल कुछ परीक्षण उड़ानों का काम सौंपा गया था, लेकिन इसने नासा की अपेक्षाओं को पार कर लिया है. स्पेस.कॉम ने बताया कि 10.1 किमी की संचित दूरी के साथ, इंजेनुयिटी अब कुल 46 बार उड़ चुकी है। उड़ानें 45 और 46 केवल तीन दिनों के अलावा 22 और 25 फरवरी को हुईं.
कभी-कभी, हालांकि, यह लाल ग्रह पर एक नया ²ष्टिकोण देते हुए, मंगल ग्रह के आकाश के एक टुकड़े को पकड़ लेता है. हाल ही में, नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह पर पहली बार 'सूर्य की किरणों' को कैद किया था. 2 फरवरी को सूर्य के क्षितिज पर उतरते ही किरणों की नकल की गई, 'प्रकाश की किरणें बादलों के एक बैंक को रोशन करती हैं.' लैटिन शब्द 'ट्विलाइट' के लिए इन्हें क्रिप्शकुलर किरणों के रूप में भी जाना जाता है. नासा के अनुसार, "यह पहली बार था जब सूर्य की किरणें मंगल पर इतनी स्पष्ट रूप से देखी गई थीं."
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2023 04:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

