New SIM Rule: भारत में लागू हुए नए सिम कार्ड नियम, एक व्यक्ति के नाम 9 से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेने पर रोक

दूरसंचार विभाग के सर्कुलर के अनुसार, कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) के नियमों के तहत यदि किसी दिन तय सीमा से अधिक कनेक्शन सक्रिय पाया जाता है, तो मामले के समाधान तक उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित रखा जाएगा.

(Photo Credits Pixabay)

New SIM Rule:  भारत में सोमवार से नए सिम कार्ड नियम प्रभावी हो गए हैं. दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देशों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को उन उपभोक्ताओं को नए मोबाइल कनेक्शन देने से रोकने के आदेश दिए गए हैं, जो अपने नाम पर तय सीमा पूरी कर चुके हैं. टेलीकॉम ऑपरेटरों को ऐसे ग्राहकों की पहचान कर उन्हें सूचित करने को कहा गया है कि उनके नाम पर अब नया सिम जारी नहीं किया जा सकता.

जांच प्रक्रिया और समय-सीमा

शुरुआती चरण में यह व्यवस्था 'पोस्ट-फैक्टो' (नामांकन के बाद) के आधार पर काम करेगी. इसमें नया कनेक्शन जारी होने के बाद ऑपरेटर वेरिफिकेशन करेंगे और तय सीमा से अधिक पाए जाने वाले कनेक्शन को तुरंत निलंबित कर देंगे. हालांकि, दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर, 2026 तक इस प्रक्रिया को 'रियल-टाइम' (तत्काल) जांच प्रणाली में बदलने का निर्देश दिया है.

दूरसंचार विभाग के सर्कुलर के अनुसार, कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) के नियमों के तहत यदि किसी दिन तय सीमा से अधिक कनेक्शन सक्रिय पाया जाता है, तो मामले के समाधान तक उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित रखा जाएगा.

कनेक्शन की अधिकतम सीमा

नए नियमों के तहत, देश के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति अपने नाम पर सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है.

हालांकि, सुरक्षा कारणों से जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के ग्राहकों के लिए यह सीमा अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन तय की गई है.

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का उपयोग

नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दूरसंचार विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) पर सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीरें 23 अगस्त, 2026 से उपलब्ध करा दी हैं. ऑपरेटरों को नए सिम आवेदकों की पहचान के लिए रोज इन तस्वीरों को डाउनलोड कर मिलान करना होगा.

इसके अलावा, नए सिम के लिए आवेदन करते समय ग्राहकों को CAF फॉर्म में यह घोषणा भी देनी होगी कि उनके नाम पर देश भर में पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं. इस व्यवस्था से जुड़े किसी भी विवाद या मुद्दे का निपटारा संबंधित लाइसेंस सेवा क्षेत्र (LSA) द्वारा किया जाएगा

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