BSNL सैटेलाइट फोन: बिना नेटवर्क के भी होगी बात; जानिए कीमत, फीचर्स, किसे मिल सकता है और खरीदने का पूरा प्रोसेस

सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल (BSNL) भारत में अपनी ग्लोबल सैटेलाइट फोन सर्विस (GSPS) का दायरा बढ़ा रही है. इनमारसैट के सहयोग से चलने वाली यह सेवा मोबाइल नेटवर्क न होने पर भी देश के सुदूर हिस्सों और समुद्री क्षेत्रों में निर्बाध और सुरक्षित वॉयस और एसएमएस कनेक्टिविटी प्रदान करती है.

BSNL ने भारत के दूर-दराज़ के इलाकों को जोड़ने के लिए सैटेलाइट फ़ोन सेवा शुरू की (Photo Credits: X/@BSNLCorporate)

नई दिल्ली: देश की सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (Bharat Sanchar Nigam Limited) (BSNL) पूरे भारत में अपनी ग्लोबल सैटेलाइट फोन सर्विस (Global Satellite Phone Service) (GSPS) का लगातार विस्तार कर रही है. यह सेवा उन सुदूर और दुर्गम इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है, जहां पारंपरिक मोबाइल टावर लगाना असंभव है. सैटेलाइट कम्युनिकेशंस की दिग्गज कंपनी 'इनमारसैट' (Inmarsat) के साथ साझेदारी में संचालित, बीएसएनएल का यह सैटेलाइट-आधारित नेटवर्क भारतीय मुख्य भूमि और उसके समुद्री क्षेत्रों (टेरिटोरियल वाटर्स) में अत्यधिक सुरक्षित वॉयस और एसएमएस सुविधाएं प्रदान करता है. प्राकृतिक आपदाओं, समुद्री अभियानों और सुदूर सीमाओं पर तैनात सैन्य बलों के लिए यह सेवा एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा का काम करती है. यह भी पढ़ें: Nothing Phone 4b Vs Nothing Phone 4a: कौन-सा स्मार्टफोन है बेहतर? जानें कीमत, स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स में पूरा अंतर

बिना टावर भी काम करेगी सर्विस; जानिए कुल खर्च और तकनीक

उन उपयोगकर्ताओं के लिए जो शून्य स्थलीय नेटवर्क (जीरो टेरेस्ट्रियल कनेक्टिविटी) वाले अत्यंत कठिन वातावरण में काम करते हैं, बीएसएनएल विशेष हार्डवेयर के साथ यह सैटेलाइट सेवा प्रदान करता है. हालांकि, बुनियादी सैटेलाइट हैंडसेट की कीमत आमतौर पर 70,000 रुपये से 82,000 रुपये के बीच शुरू होती है, लेकिन उपकरण की लागत, आधिकारिक लाइसेंस शुल्क, अनिवार्य स्पेक्ट्रम आवंटन और शुरुआती कमर्शियल प्लान सेटअप को मिलाकर शुरुआती कुल खर्च 1,34,166 रुपये (लागू जीएसटी को छोड़कर) तक पहुंच जाता है.

यह नेटवर्क मुख्य रूप से एल-बैंड (L-band) फ्रीक्वेंसी पर संचालित होने वाले इनमारसैट के चौथी पीढ़ी (Inmarsat-4) के सैटेलाइट समूह (कॉन्स्टेलेशन) पर निर्भर करता है. यह उन्नत ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि यदि स्थानीय मोबाइल टावर पूरी तरह से नष्ट या विफल भी हो जाएं, तब भी इसके संचार चैनल सक्रिय और चालू रहेंगे.

BSNL GSPS की प्रमुख विशेषताएं और सुरक्षा

आम स्मार्टफोन के विपरीत, बीएसएनएल के सैटेलाइट फोन मुख्य रूप से उपयोगिता, उच्च सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों में बचे रहने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके मुख्य फीचर्स निम्नलिखित हैं:

टावर नहीं? कोई बात नहीं - BSNL ने 1,34,166 रुपये में सैटेलाइट फ़ोन लॉन्च किया

टारगेट यूजर्स: यह सेवा किसके लिए है?

भारत में सैटेलाइट उपकरणों को लेकर कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा नियम लागू हैं, जिसके कारण यह तकनीक आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है. इसका प्राथमिक उपयोगकर्ता आधार भारतीय रक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल (BSF), राज्यों के पुलिस विभाग, भारतीय रेलवे और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) जैसी आपदा प्रबंधन एजेंसियां हैं. हालांकि, बीएसएनएल व्यावसायिक उद्यमों, समुद्री उद्योग और लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग या अभियान आयोजित करने वाले निजी टूर ऑपरेटरों को भी विशेष अनुमति के बाद यह कनेक्शन प्रदान करता है.

टैरिफ प्लान और कॉल दरें

दूरसंचार विभाग ने सरकारी और वाणिज्यिक (कमर्शियल) दोनों प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए अलग-अलग टैरिफ दरें तय की हैं:

BSNL सैटेलाइट फोन खरीदने की पूरी प्रक्रिया

राष्ट्रीय सुरक्षा विनियमों के कारण भारत में सैटेलाइट फोन प्राप्त करने के लिए एक बेहद सख्त सत्यापन और मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. बिना आधिकारिक सरकारी अनुमति के देश में सैटेलाइट फोन रखना या उसका संचालन करना पूरी तरह अवैध है.

1.पात्रता की जांच और आवेदन 

सबसे पहले अपनी पात्रता सुनिश्चित करें. इसके लिए किसी नामित बीएसएनएल सर्कल कार्यालय (Circle Office) में जाएं या बीएसएनएल की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें. फॉर्म के साथ अपने व्यवसाय, सरकारी संगठन या संस्था के क्रेडेंशियल और फोन के उपयोग के सटीक स्थान की विस्तृत जानकारी जमा करें.

2.सुरक्षा मंजूरी (MHA क्लीयरेंस) 

बीएसएनएल आपके आवेदन को गृह मंत्रालय (MHA) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को भेजता है. सभी सुरक्षा जांच पूरी होने और गृह मंत्रालय से आधिकारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है.

3.भुगतान और सिम एक्टिवेशन 

सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद, आपको हैंडसेट और चुने गए कमर्शियल प्लान का भुगतान करना होगा। इसके बाद बीएसएनएल पहचान और पते का अनिवार्य केवाईसी (KYC) सत्यापन पूरा करेगा और आपका सैटेलाइट सिम कार्ड एक्टिवेट कर डिवाइस सौंप दी जाएगी.

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