Vishwanath Anand ने Zerodha के सह-संस्थापक Nikhil Kamath के खिलाफ विवादास्पद चैरिटी शतरंज मैच के बारे में कहा ये
विश्वनाथन आनंद (Phpto Credits: wikimedia coommons)

नई दिल्ली: विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) ने जीरोधा (Zerodha) के सह-संस्थापक निखिल कामथ (Nikhil Kamath) के खिलाफ हुए विवादास्पद चैरिटी शतरंज मैच (Chess match) के बारे में खुलकर बात की. निखिल कामथ सबसे बड़े शतरंज चैरिटी इवेंट के दौरान धोखाधड़ी करते हुए पकड़े गए थे. यह घटना अब तक के सबसे बड़े शतरंज फंडरेज़र इवेंट के दौरान हुई जिसमें भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर और पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन कई मशहूर हस्तियों के खिलाफ खेल रहे थे. कामथ के शतरंज प्रोफाइल पर 'फेयर प्ले' (Fair Play) नीति का उल्लंघन करने के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था.  शतरंज चैंपियन Viswanathan Anand की बायोपिक बनाएंगे फिल्मकार आनंद एल राय

बता दें कि चैरिटी इवेंट चेसडॉटकॉम इंडिया द्वारा चेकमेट कोविड-सेलिब्रिटी एडिशन का एक हिस्सा है और अक्षय पात्र के सहयोग से, प्रचुरा पदकन्नया ,सीईओ - एकस्ट्रा टेंलेन्ट मैंनेजमेंट का हिस्सा है. यह 13 जून को शाम 5.00 बजे आयोजित किया गया था और भारत के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल चेस डॉट कॉम पर लाइव-स्ट्रीम हुआ था.

चेकमेट कोविड श्रृंखला में 5 बार के विश्व चैंपियन, विश्वनाथन आनंद होंगे, जो दस भारतीय हस्तियों और व्यापारिक नेताओं-पांच को एक घंटे के सिमुल गेम एक बार में खेला गया. इनमें आमिर खान, किच्चा सुदीप, रितेश देशमुख, गायक अरिजीत सिंह, गायक-गीतकार अनन्या बिड़ला, क्रिकेटर युजवेंद्र चहल, श्याओमी इंडिया के एमडी मनु कुमार जैन, जेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ, निर्माता साजिद नाडियाडवाला और प्रचुरा पदकन्नया शामिल थे. ये मुकाबले कोरोना के खिलाफ लड़ाई में धनराशि जुटाने के लिए खेले गए.

निखिल कामथ ने स्वीकार किया कि उसने विश्व के महान शतरंज खिलाड़ी लीजेंडरी विश्वनाथन आनंद को हराने के लिए कंप्यूटर की मदद ली थी. दोनों के बीच कोविड-19 चैरिटी के लिए एक मैच का आयोजन किया गया था जिसमें विश्वनाथन की हार हुई थी.

ये रहा विश्वनाथन आनंद का ट्वीट:

फेयर प्ले नीति के उल्लंघन के लिए निखिल कामथ की शतरंज प्रोफ़ाइल प्रतिबंधित:  ये रहा ट्वीट:

यहां देखें निखिल कामथ का ट्वीट:

अक्षय पात्र रसोई के अपने नेटवर्क के माध्यम से 19 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में राहत भोजन का कार्य कर रहा है. मार्च 2020 से, फाउंडेशन ने कमजोर समुदायों के लोगों को 128 मिलियन से अधिक लोगों को भोजन परोसा है, जो कोविड-19 महामारी और प्रकोप को रोकने के उपायों के कारण अपने लिए भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं.