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2018 FIFA WORLD CUP: 28 साल बाद मिस्र की वापसी, इतिहास को बदलने पर होगी नजरें

फुटबाल के जुनूनी देश मिस्र को इस साल इतिहास रचने का मौका मिला है. 28 साल बाद वह फीफा विश्व कप में उतर रहा है, जिसकी शुरुआत 14 जून से रूस में हो रही है.

2018 FIFA WORLD CUP: 28 साल बाद मिस्र की वापसी, इतिहास को बदलने पर होगी नजरें
(Photo Credits: Facebook)

नई दिल्ली:  फुटबाल के जुनूनी देश मिस्र को इस साल इतिहास रचने का मौका मिला है. 28 साल बाद वह फीफा विश्व कप में उतर रहा है, जिसकी शुरुआत 14 जून से रूस में हो रही है. सात बार अफ्रीकन नेशंस कप का खिताब जीतने वाला मिस्र इससे पहले सिर्फ 1934 और 1990 में ही विश्व कप में खेला था. अब जबकि उसने 28 साल बाद एक बार फिर फुटबाल के महाकुंभ में कदम रखा है तो नजरें बुरे और विफल अतीत से निकल एक सुनहरा कल लिखने की है. पिछले दोनों विश्व कप में मिस्र ने एक भी मैच नहीं जीता था.

मैनेजर हेक्टर कपर के मार्गदर्शन में यह टीम घाना की असफलता के कारण विश्व कप में क्वालीफाई करने में सफल रही. टीम के स्टार मोहम्मद सलाह ने निर्णायक मैच में कोंगो-ब्राजाविले के खिलाफ 94वें मिनट में गोल कर मिस्र के विश्व कप में खेलने के सपने को सच किया था.

विश्व कप का टिकट दिलाने वाले सलाह पर ही मिस्र का दारोमदार है. अपने देश में लियोनेल मेसी की ख्याति पा चुके सलाह टीम की जान हैं. लेकिन हाल ही में यूईएफए चैम्पियंस लीग फाइनल में लगी चोट ने मिस्र और सलाह के प्रशंसकों की परेशान कर दिया. इंग्लिश क्लब लिवरपूल के लिए खेलने वाले सलाह को फाइनल में रियल मेड्रिड के खिलाफ मैच के 25वें मिनट में कंधे में चोट लग गई थी और इसी कारण वह मैदान से बाहर चले गए थे.

सलाह ने हालांकि कहा है कि वह विश्व कप तक फिट हो जाएंगे. ऐसे कयास भी हैं कि हो सकता है कि सलाह 15 जून को उरुग्वे के खिलाफ विश्व कप का पहला मैच न खेलें लेकिन इसके बाद वो मैदान पर उतर सकते हैं. सलाह टीम की ताकत हैं. उनके रहते बाकी टीमों पर दवाब रहता है. सलाह का रहना टीम को अगले दौर में जाने की दावेदार बनाता है तो उनके न रहने से टीम का सफर पहले दौर में खत्म हुआ सा लगता है.

इस टीम की परेशानी और कमजोरी यह है कि सलाह के बाद मिस्र के पास कोई और ऐसा खिलाड़ी नहीं हैं जो टीम की जिम्मेदारी ले सके और टीम को आगे ले जाने का माद्दा रखता हो.

कपर ने अपनी टीम को बेहतर रणनीति से काफी मजबूत किया है. उन्होंने एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश की है जो दवाब में अपने आप को संभाल सके.

टीम के गोलकीपर 45 साल एसाम अल हादरी विश्व कप में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे. उन पर भी टीम की काफी जिम्मेदारी होगी.

टीम के लिए मिडफील्ड में मोहम्मद एलेनी और अबदल्लाह सईद को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी. एलेनी भी कुछ दिनों पहले चोटिल हो गए थे, लेकिन वो तेजी से ठीक हो रहे हैं और यह देखकर कपर को राहत जरूर मिलेगा.

प्राथमिक टीम :

गोलकीपर : एसाम अल हादरी, मोहम्मद एल सेहेनावी, शेरिफ एकरामी, मोहम्मद अवद.

डिफेंडर : अहमद फताही, साद सामीर, अयमान अशरफ, मेहमुद हमदी, मोहम्मद अबदेव शाफी, अहमद हेगाजी, अली गाबेर, अहमद अल मोहम्मदी, करीम हफीज, ओमर गाबेर, आम्रो गाबेर, अम्रो तारेक.

मिडफील्डर : तारेह हमीद, मेहमुद अबदेल अजीज, शिकाबाला, अबदल्लाह अल साइद, सैम मोर्सी, मोहम्मद अलनी, मेहमुद इखाराबल, रमदान सोभी, मेहमुद ट्रेजेगुएटल, अमर वार्डा.

फॉरवर्ड : मारवान मोहेसेन, अहमद गोमा, अहमद हसन, मोहम्मद सलाह

(The above story first appeared on LatestLY on May 29, 2018 02:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).