Suryakumar Yadav vs Shreyas Iyer T20I Captaincy Record: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर कप्तान सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर में किसका पलड़ा भारी? आंकड़े बता रहे हैं पूरी कहानी
भारतीय टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर, दोनों ने कप्तान के तौर पर टीम इंडिया का नेतृत्व किया है. दोनों खिलाड़ियों के नेतृत्व में भारत ने कई यादगार सीरीज जीती हैं,
Suryakumar Yadav vs Shreyas Iyer T20I Captaincy Record: भारतीय टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर, दोनों ने कप्तान के तौर पर टीम इंडिया का नेतृत्व किया है. दोनों खिलाड़ियों के नेतृत्व में भारत ने कई यादगार सीरीज जीती हैं, लेकिन अगर घरेलू और विदेशी धरती पर प्रदर्शन की तुलना की जाए तो सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड कहीं ज्यादा प्रभावशाली नजर आता है. घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसी टीमों को हराने के अलावा उन्होंने टी20 विश्व कप भी अपने नाम किया. वहीं विदेशी दौरे पर भी श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने के साथ एशिया कप का खिताब भी जीता.
दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर ने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज जीती, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 2-2 से बराबरी पर रही. विदेशी दौरों पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवानी पड़ी, हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप किया और एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल भी दिलाया.
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का रिकॉर्ड
घरेलू मैदान पर
ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराया.
बांग्लादेश को 3-0 से हराया.
इंग्लैंड को 4-1 से हराया.
दक्षिण अफ्रीका को 4-1 से हराया.
न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया.
टी20 विश्व कप का खिताब जीता.
विदेशी मैदान पर
श्रीलंका को 3-0 से हराया.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही.
दक्षिण अफ्रीका को 3-1 से हराया.
एशिया कप का खिताब जीता.
ऑस्ट्रेलिया 'सी' टीम को 2-1 से हराया.
श्रेयस अय्यर की कप्तानी का रिकॉर्ड
घरेलू मैदान पर
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज जीती.
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई.
विदेशी मैदान पर
आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से सीरीज हारी.
इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से सीरीज गंवाई.
जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया.
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.
हालांकि, इन आंकड़ों की तुलना करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग सीरीज में विरोधी टीमों की मजबूती, उपलब्ध खिलाड़ी और परिस्थितियां अलग रही हैं. इसलिए केवल जीत-हार के आधार पर किसी एक कप्तान को बेहतर घोषित करना पूरी तस्वीर पेश नहीं करता.