मोहम्मद शमी ने की ICC से सलाइवा बैन हटाने की अपील, बोले- रिवर्स स्विंग के लिए यह जरूरी
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से सलाइवा (थूक) के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अपील की है. उनका मानना है कि इस नियम की वजह से रिवर्स स्विंग की कला प्रभावित हो रही है.
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से सलाइवा (थूक) के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को हटाने की अपील की है. उनका मानना है कि इस नियम की वजह से रिवर्स स्विंग की कला प्रभावित हो रही है, जिससे गेंदबाजों को फायदा पहुंचाने वाली यह तकनीक कमजोर पड़ गई है.
शमी ने यह बयान आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल मुकाबले के बाद दिया, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 ओवर में 48 रन देकर 3 विकेट झटके. उनकी घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने यह मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई.
गौरतलब है कि COVID-19 महामारी के दौरान ICC ने क्रिकेट में सलाइवा के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिसे बाद में स्थायी रूप से लागू कर दिया गया. शमी का कहना है कि यह बैन तेज गेंदबाजों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है और इससे खेल का संतुलन भी प्रभावित हुआ है.
सलाइवा का क्रिकेट में क्या महत्व है?
क्रिकेट में गेंद की चमक बनाए रखना बेहद अहम होता है, खासकर टेस्ट और वनडे में. फास्ट बॉलर्स आमतौर पर गेंद के एक तरफ को थूक या पसीने से चमकाते हैं, जिससे गेंदबाजी के दौरान उसे स्विंग कराने में मदद मिलती है. पुराने गेंद की एक तरफ़ चमक बनाए रखने से रिवर्स स्विंग करने में मदद मिलती है. इससे बल्लेबाजों को परेशानी होती है और गेंदबाजों को विकेट लेने में फायदा होता है. लेकिन ICC द्वारा दो नए गेंदों के नियम और सलाइवा बैन के चलते यह तकनीक अब पहले जैसी प्रभावी नहीं रही.
सलाइवा से गेंद की सतह को चमकाकर उसे स्विंग कराया जाता था, लेकिन अब गेंद को सही स्थिति में बनाए रखना चुनौती बन गया है.म पसीने का इस्तेमाल गेंदबाज़ करते हैं, लेकिन यह सलाइवा जितना प्रभावी नहीं है.
ICC ने कोविड के दौरान इसे बैन करने का फैसला किया था, लेकिन अब जब महामारी का दौर खत्म हो चुका है, शमी और कई अन्य गेंदबाज इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं.