Is Washington Sundar Deaf in One Ear? क्या एक कान से बधिर हैं वॉशिंगटन सुंदर? जानिए टीम इंडिया के ऑलराउंडर की इस स्पेशल कंडीशन के बारे में
Washington Sundar (Photo Credits: @Sundarwashi5/X)

Is Washington Sundar Deaf in One Ear? वॉशिंगटन सुंदर भारत और इंग्लैंड के बीच हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में टीम इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुए. वह दूसरे टेस्ट मैच में टीम का हिस्सा बने और उसके बाद से अपने हरफनमौला प्रदर्शन से टीम में अपनी अहमियत साबित की. सुंदर का सबसे बड़ा प्रभाव चौथे और पांचवें टेस्ट मैच में देखने को मिला. इंग्लैंड इन दोनों मैचों में जीत के बेहद करीब पहुंचा था, लेकिन दोनों बार भारत ने बेहद करीबी अंतर से जीत हासिल की, जिसमें सुंदर का बड़ा योगदान रहा. चौथे टेस्ट मैच में सुंदर ने शानदार शतक जड़ा, जिसकी बदौलत भारत मैच को ड्रॉ कराने में सफल रहा. वहीं सीरीज़ के आखिरी टेस्ट में, दूसरी पारी में उनके अर्धशतक ने भारत को इतना स्कोर दिया कि टीम उसे डिफेंड कर पाई और मैच जीतकर सीरीज़ को 2-2 से बराबरी पर खत्म किया. टीम इंडिया के लिए एक्शन में कब नजर आएंगे विराट कोहली? जानिए किसके खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी की संभावनाएं

वॉशिंगटन सुंदर ने 2017 में सिर्फ 18 साल की उम्र में भारत के लिए अपना डेब्यू किया था. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ एक वनडे मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी. लेकिन उनके करियर की असली पहचान 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गाबा टेस्ट में मिली, जब उन्होंने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई. इसके बावजूद उनका टेस्ट करियर वैसा नहीं चला जैसी उम्मीद थी.

हालांकि, भारत बनाम इंग्लैंड 2025 टेस्ट सीरीज़ ने यह साबित कर दिया कि सुंदर अब टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं. खासकर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद, सुंदर घरेलू टेस्ट मैचों के लिए प्रमुख विकल्प बन सकते हैं. लेकिन सुंदर की ज़िंदगी हमेशा इतनी आसान नहीं रही. उनकी ज़िंदगी का एक ऐसा पहलू है जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा.

क्या आप जानते हैं कि वॉशिंगटन सुंदर एक कान से सुन नहीं सकते?

भारतीय क्रिकेटर वॉशिंगटन सुंदर बचपन से ही एक कान से सुन नहीं सकते. जब वह सिर्फ 4-5 साल के थे, तब उन्होंने अपने माता-पिता से इस परेशानी के बारे में बताया. इलाज की कई कोशिशें की गईं, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः वह उस कान से पूरी तरह सुनने की क्षमता खो बैठे. क्रिकेट खेलते समय उन्हें इस वजह से कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कमजोरी को ताकत में बदलते हुए खुद को एक सफल क्रिकेटर के रूप में साबित किया.

अब वॉशिंगटन सुंदर टीम इंडिया के नियमित सदस्य बन चुके हैं और उन्होंने भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज़ में 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज़' का खिताब भी जीता, जो न सिर्फ उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा भी है.