FACT CHECK: किम जोंग-उन की बेटी के कान में फुसफुसाना अफसर को पड़ा महंगा, मिली मौत की सजा? जानें वायरल VIDEO का पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने सिर्फ कान में फुसफुसाने पर अपने एक अधिकारी को मौत की सजा दे दी.
FACT CHECK: सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने सिर्फ कान में फुसफुसाने पर अपने एक अधिकारी को मौत की सजा दे दी. इस वीडियो को लेकर लोग गुस्से में हैं और भारत की व्यवस्था से इसकी तुलना भी कर रहे हैं. लेकिन जब इस वीडियो की सच्चाई जांची गई, तो हकीकत कुछ और ही निकली. 'एक्स' यूजर @sligoldZ ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "सिर्फ फुसफुसाहट करने पर मौत की सजा...! और हमारे यहां रेपिस्ट, मर्डरर और चोरों को माला पहनाई जाती है, मंत्री बना दिया जाता है."
इस पोस्ट को हजारों लोगों ने शेयर और लाइक किया, लेकिन किसी ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की.
सिर्फ कान में फुसफुसाने पर मौत?
पहले क्लिप की सच्चाई
जब वीडियो की जांच की गई, तो पाया गया कि यह वीडियो दो अलग-अलग क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया है. पहले हिस्से में किम जोंग उन अपनी बेटी और कुछ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठे नजर आते हैं. यह हिस्सा सितंबर 2023 में प्योंगयांग में हुई एक सैन्य परेड का है. इस तस्वीर की पुष्टि Korea JoongAng Daily की एक रिपोर्ट से हुई, जिसमें साफ लिखा गया था कि किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू-ए के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
दूसरे क्लिप की सच्चाई
अब बात करते हैं वीडियो के दूसरे हिस्से की. इसमें किम जोंग उन एक व्यक्ति के साथ चलते हुए दिखाई देते हैं. दोनों मुड़कर वापस जाते हैं और अचानक वह व्यक्ति एक गड्ढे में गिर जाता है. यह क्लिप असल में अप्रैल 2018 की है, जब दक्षिण कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति मून जे-इन और किम जोंग उन के बीच ऐतिहासिक अंतर-कोरियाई शिखर सम्मेलन हुआ था. उस समय दोनों नेताओं को कैमरे में चलते हुए देखा गया था, लेकिन गड्ढे में गिरने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी.
पूरी तरह एडिटेड है वीडियो
स्पष्ट है कि यह वीडियो पूरी तरह से एडिट किया गया है और इसका मकसद लोगों को भ्रमित करना है. इस तरह के वीडियो वायरल करने वाले या तो ध्यान खींचना चाहते हैं या फिर जानबूझकर अफवाह फैलाते हैं.
ऐसे मामलों में जरूरी है कि किसी भी सनसनीखेज वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की पड़ताल जरूर करें. वायरल वीडियो के पीछे की असलियत जानने के लिए हमेशा विश्वसनीय फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म्स या आधिकारिक मीडिया की मदद लें.
निष्कर्ष
किम जोंग उन द्वारा अधिकारी को मौत की सज़ा देने का दावा भ्रामक और झूठा है. वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और इसका मकसद सिर्फ लोगों की भावनाओं से खेलना है.