Priti Paswan Viral Video: '1 मिनट 48 सेकंड' के कथित आपत्तिजनक क्लिप पर भोजपुरी डांसर प्रीति पासवान ने तोड़ी चुप्पी; बताया सच या झूठ

भोजपुरी स्टेज डांसर और टिकटॉक स्टार प्रीति पासवान इन दिनों सोशल मीडिया पर एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं. इंटरनेट पर '1 मिनट 48 सेकंड' का एक क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे प्रीति पासवान का बताया जा रहा है. अब इस पूरे विवाद और 'कांड वीडियो' के दावों पर खुद भोजपुरी डांसर ने सामने आकर आधिकारिक बयान जारी किया है और वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई उजागर की है.

प्रीति पासवान वायरल वीडियो (Photo Credits: File Image)

मुंबई, 10 जून: भोजपुरी मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों शॉर्ट-फॉर्म वीडियो क्रिएटर और प्रसिद्ध स्टेज डांसर प्रीति पासवान (Priti Paswan) का नाम एक गंभीर विवाद के केंद्र में आ गया है. इंटरनेट पर '1 मिनट 48 सेकंड' की अवधि का एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो रील तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे विभिन्न यूजर्स द्वारा "प्रीति पासवान वायरल वीडियो" (Priti Paswan Viral Video) और "प्रीति पासवान कांड वीडियो" (Preeti Paswan Kaand Video) जैसे भ्रामक शीर्षकों के साथ साझा किया जा रहा है. इस क्लिप के सामने आने के बाद जहां नेटिजन्स इसकी सत्यता को लेकर सवाल उठा रहे थे, वहीं अब खुद भोजपुरी अभिनेत्री व डांसर ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. प्रीति पासवान ने वीडियो में दिखने वाली महिला होने से साफ इनकार करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और बदनाम करने की साजिश करार दिया है. यह भी पढ़ें: Smriti Jain Private Video: 'स्मृति जैन' के नाम से प्रसारित लिंक हो सकते हैं साइबर फ्रॉड, रहें सावधान

कौन हैं प्रीति पासवान? सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जाना-माना चेहरा

भोजपुरी बेल्ट और डिजिटल मीडिया पर प्रीति पासवान (Preeti Paswan) एक जाना-माना नाम हैं.  वे मुख्य रूप से भोजपुरी स्टेज शोज, लाइव सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेलों और शादियों में अपने ऊर्जावान और पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन के लिए पहचानी जाती हैं.

टिकटॉक (पूर्व में) और वर्तमान में इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी बहुत बड़ी और समर्पित फैन फॉलोइंग है. भारत के ग्रामीण क्षेत्रों सहित पड़ोसी देश नेपाल के मधेस प्रांत (Madhesh Province) में भी उनके लाइव कार्यक्रमों को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ती है.

'प्रीति पासवान का वायरल वीडियो' फर्जी है: भोजपुरी डांसर

'1 मिनट 48 सेकंड' के वीडियो का सच; डांसर ने दिए प्रामाणिक सबूत

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहे इस '1 मिनट 48 सेकंड' के क्लिप में एक जोड़े को बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है, जिसे कई फर्जी हैंडल्स ने प्रीति पासवान का 'लीक्ड वीडियो' बताकर प्रचारित किया. इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रीति ने यूट्यूब (YouTube) चैनल 'डांसमूव' (DanceMove) पर 8 जून को जारी एक आधिकारिक वीडियो बयान में पूरी स्थिति स्पष्ट की है.

प्रीति पासवान ने अपने शारीरिक लक्षणों का हवाला देते हुए इस विजुअल को पूरी तरह फेक (Fake) साबित कर दिया है. उन्होंने प्रामाणिक रूप से समझाया, "मेरे चेहरे पर एक बिल्कुल स्पष्ट तिल (Mole) है और मेरे कंधे पर एक विशिष्ट टैटू (Tattoo) बना हुआ है. जबकि इंटरनेट पर जो वीडियो मेरी पहचान के साथ वायरल किया जा रहा है, उसमें दिख रही महिला के शरीर पर न तो ऐसा कोई तिल है और न ही कोई टैटू." डांसर ने खुद को इस विवाद से पूरी तरह अलग करते हुए इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और कहा है कि उनकी छवि धूमिल करने वाले दोषियों के खिलाफ वे जल्द ही विधिक पुलिस कार्रवाई (Police Action) का सहारा लेंगी. यह भी पढ़ें: Trisha Kar Madhu Ka Video: भोजपुरी अभिनेत्री त्रिशा कर मधु ने ‘Namadiya Re' गाने पर किया धमाकेदार डांस, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रील

क्लिकबैट लिंक्स का फैला जाल; स्पैमबॉट्स और वायरस का बड़ा खतरा

इस ट्रेंडिंग विवाद के बीच इंस्टाग्राम और एक्स (X - पूर्व में ट्विटर) पर कई संदिग्ध और फर्जी अकाउंट्स सक्रिय हो गए हैं, जो "फुल वीडियो लिंक" (Full Video Link) देने का दावा कर रहे हैं.  साइबर सुरक्षा विश्लेषकों और बाजार ट्रैकर्स ने आम इंटरनेट यूजर्स को सचेत किया है कि इस समय इंटरनेट पर चल रहा अधिकांश सर्च वॉल्यूम पूरी तरह से कृत्रिम (Artificial) है, जिसे दुर्भावनापूर्ण वेबसाइटों और ऑटोमेटेड स्पैमबॉट्स (Spambots) द्वारा संचालित किया जा रहा है.

ये डिजिटल बॉट्स अक्सर किसी भी ट्रेंडिंग इंटरनेट सेलिब्रिटी या क्रिएटर के नाम का दुरुपयोग करते हैं और भ्रामक कीवर्ड्स बनाकर यूज़र्स को ऐसे असुरक्षित और स्पैम लिंक्स पर क्लिक करने के लिए मजबूर करते हैं. इन लिंक्स पर क्लिक करने से यूजर्स के मोबाइल और कंप्यूटर में वायरस आने, मैलवेयर इंस्टॉल होने और व्यक्तिगत डेटा चोरी (Cyber Fraud) होने का गंभीर खतरा रहता है.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख पूरी तरह से केवल सूचनात्मक और जन-जागरूकता के विधिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है ताकि समाज को इंटरनेट पर चल रहे इस खतरनाक ट्रेंड और इसके पीछे छिपे साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया जा सके. हमारी ऑनलाइन प्रकाशन संस्था किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री, गैर-सहमति वाली अंतरंग तस्वीरों (NCII) या पाइरेटेड कंटेंट का न तो समर्थन करती है और न ही इसकी मेजबानी या वितरण करती है.  भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के विधिक प्रावधानों के तहत किसी भी महिला की सहमति के बिना उसकी अश्लील तस्वीरें या भ्रामक वीडियो खोजना, डाउनलोड करना या दूसरों को व्हाट्सएप व अन्य माध्यमों पर साझा करना एक गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसके लिए अपराधियों को कारावास और भारी विधिक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

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