Mount Everest New Height: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की कितनी है हाइट? नेपाल के विदेश मंत्री ने की इसकी संशोधित ऊंचाई की घोषणा
नेपाल सरकार ने माउंट एवरेस्ट की नई संशोधित ऊंचाई का खुलासा कर दिया है. नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने बताया है कि माउंट एवरेस्ट की नई संशोधित ऊंचाई 8848.86 मीटर हो गई है. इससे पहले अभी तक माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मानी जाती थी, लेकिन अब इसकी ऊंचाई में 0.86 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
Mount Everest New Height: दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी (World's Highest Peak) माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) की ऊंचाई में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. दरअसल, माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को लेकर नेपाल (Nepal) और चीन (China) की टीम साल 2015 के भूकंप (Earthquake) के बाद से शोध कर रही है. माना जा रहा था कि विनाशकारी भूकंप के कारण चोटी की ऊंचाई में बदलाव आया है. इस बीच नेपाल सरकार ने माउंट एवरेस्ट की नई संशोधित ऊंचाई (Newly-Measured Height of Mount Everest) का खुलासा कर दिया है. नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने बताया है कि माउंट एवरेस्ट की नई संशोधित ऊंचाई 8848.86 मीटर हो गई है. इससे पहले अभी तक माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मानी जाती थी, लेकिन अब इसकी ऊंचाई में 0.86 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. भारत सर्वेक्षण द्वारा 1954 में किए गए मापन के अनुसार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848 बताई गई थी, जो अब बढ़कर 8848.86 मीटर हो गई है.
ज्ञात हो कि 13 अक्टूबर 2019 को नेपाल और चीन के बीच माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने को लेकर आपसी सहमति बनी थी. नेपाल और चीन के बीच हुए समझौते के अनुच्छेद 1 के अनुसार, चीन और नेपाल मिलकर माउंट झूमलांगमा और सागरमाथा की ऊंचाई का ऐलान करेंगे. वहीं अनुच्छेद 5 के मुताबिक, दोनों देशों के बीच माउंट एवरेस्ट के सर्वेक्षण और मानचित्रण के लिए आपसी सहयोग पर सहमति बनी थी. दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी की ऊंचाई मापने की कोशिश पिछले साल शुरु हुई थी और एक अभियान दल को चोटी पर भेजा गया. वहीं तिब्बत की ओर से एवरेस्ट की ऊंचाई को मापने के लिए एक अन्य अभियान दल को भेजा गया था. यह भी पढ़ें: Mount Everest Height: चीनी सर्वेक्षण दल माउंट एवरेस्ट की फिर से ऊंचाई मापने पहुंचा
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उधर, नेपाल के समाचार पत्र के अनुसार, साल 1954 में सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा मापे जाने के बाद माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848 मीटर थी. गौरतलब है कि साल 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के कारण नेपाल में तबाही मच गई थी. नेपाल सरकार का अनुमान था कि उस विनाशकारी भूकंप और अन्य कारणों से चोटी की ऊंचाई में बदलाव आ सकता है, इसलिए माउंट एवरेस्ट की सही ऊंचाई को मापने का फैसला किया गया. बताया जाता है कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को फिर से मापने की जब बात उठी तो नेपाल ने भारत सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए चीन के अधिकारियों की मदद ली.