Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर को नया बताकर वायरल किया जा रहा है. इस बार मुद्दा धार्मिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़ा है. एक फोटो सामने आई है जिसमें कुछ महिलाएं बुर्का पहने हुए कांवड़ लिए नजर आ रही हैं. कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह सावन 2025 की तस्वीर है, जब इतिहास में पहली बार मुस्लिम महिलाओं ने कांवड़ उठाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. इस दावे के साथ ही कई यूजर्स ने इसे इंदौर की तस्वीर बताया और लिखा कि अब फतवा दो, मुस्लिम महिलाएं भी भोले के भक्त बन गई हैं.
इस तस्वीर को फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हजारों बार शेयर किया गया है. लेकिन जब इस वायरल तस्वीर की गहराई से पड़ताल की गई, तो सच्चाई कुछ और ही निकली.
इतिहास में पहली बार मुस्लिम महिलाएं कावड़ लेकर निकलीं?

पहली बार मुस्लिम महिलाओं ने कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया!
कावड़ खबर 🔥
पहली बार मुस्लिम महिलाएं कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं।भोलेनाथ का जलाभिषेक कर दिखाया कि सनातन ही अंतिम सत्य है। pic.twitter.com/wAK9y6EGy3
— Harsha Patel 🇮🇳 (@harshagujaratan) July 16, 2025
जांच में क्या निकला सामने?
जांच में यह फोटो एक फेसबुक पोस्ट में मिली, जो 25 अगस्त 2015 को शेयर की गई थी. इस पोस्ट में साफ लिखा गया था कि इंदौर में सावन के आखिरी सोमवार को एक सर्वधर्म कांवड़ यात्रा निकाली गई थी, जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय की महिलाओं ने मिलकर भाग लिया था.
आगे जब और गहराई से सर्च किया गया तो न्यूज18 की 24 अगस्त 2015 की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें यह तस्वीर छपी थी. रिपोर्ट में बताया गया था कि यह यात्रा धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए निकाली गई थी.
तस्वीर की सच्चाई क्या है?
तस्वीर इंदौर की ही है, लेकिन यह 2025 की नहीं, बल्कि साल 2015 की है. यह कोई अचानक उठा कदम नहीं था, बल्कि एक सोच-समझी पहल थी जिसमें कई धर्मों की महिलाएं कांवड़ यात्रा में शामिल हुई थीं.
इसलिए यह दावा कि मुस्लिम महिलाएं पहली बार कांवड़ लेकर निकलीं हैं, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. यह एक पुरानी तस्वीर है जिसे वर्तमान का बताकर वायरल किया जा रहा है.
क्या करें जब दिखे ऐसी तस्वीरें?
अगर आपके सामने भी कोई वायरल फोटो या दावा आता है तो उसे आंख बंद करके सच मानने से बचें. किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि के लिए PIB Fact Check या PTI Fact Check जैसे विश्वसनीय स्रोतों से जांच जरूर करें.
CREDIT: bhasha.ptinews.com













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