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मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी का बड़ा दावा: 'E20' एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से मर्सिडीज का माइलेज 16 किमी से घटकर हुआ 5 किमी; इंटरनेट पर छिड़ी बहस

भारत के नंबर-1 डेली ब्लॉगर और यूट्यूबर सौरव जोशी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि E20 (20% एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी मर्सिडीज कार का माइलेज नाटकीय रूप से कम हो गया है. इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर एथनॉल ईंधन की अनुकूलता और इंजन सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है.

मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी का बड़ा दावा: 'E20' एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से मर्सिडीज का माइलेज 16 किमी से घटकर हुआ 5 किमी; इंटरनेट पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली: भारत के सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर्स में से एक सौरव जोशी (Sourav Joshi) ने देश में तेजी से बढ़ रहे एथनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Petrol) के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है. अपने एक हालिया वीडियो ब्लॉग में सौरव ने आरोप लगाया है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने के बाद उनकी प्रीमियम मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz) कार की ईंधन दक्षता (माइलेज) में भारी गिरावट दर्ज की गई है. यूट्यूबर के अनुसार, जो गाड़ी पहले 16 से 17 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही थी, वह एथनॉल मिश्रित पेट्रोल डालने के बाद घटकर मात्र 5 किलोमीटर प्रति लीटर पर आ गई है. उन्होंने इस ईंधन से कार के महंगे इंजन को स्थायी नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कार इंश्योरेंस क्लेम हो जाएगा खारिज? सरकार ने सोशल मीडिया के दावों की खोली पोल

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; पारदर्शिता की मांग

सौरव जोशी के इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वाहन मालिकों के बीच एक बड़ी बहस छिड़ गई है. एक्स (X) और यूट्यूब पर कई अन्य कार चालकों ने भी एथनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग करने के बाद माइलेज में कमी और इंजन में झटके (जर्किंग) आने जैसे मिलते-जुलते अनुभव साझा किए हैं.

इस विवाद के बीच नागरिक अधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने सरकार तथा तेल कंपनियों से इस बदलाव को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतने की मांग की है. विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर बेचे जा रहे ईंधन की श्रेणियों और वाहनों की अनुकूलता (Compatibility) को लेकर सख्त गाइडलाइंस और स्पष्ट चेतावनियां होनी चाहिए.

माइलेज में कमी पर वाहन मालिकों और कंपनियों के मिले-जुले आंकड़े

ऑटोमोबाइल सेक्टर की विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर वाहन मालिकों के अनुभव मिले-जुले रहे हैं. जहां एक ओर सौरव जोशी जैसे कुछ लक्जरी कार मालिकों ने भारी गिरावट की शिकायत की है, वहीं दूसरी तरफ कुछ बजट और मिड-रेंज कारों के स्वामियों ने माइलेज में केवल 2 से 6 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की है.

इस तकनीकी विसंगति को देखते हुए कई कार निर्माता कंपनियों (Automakers) ने परामर्श (Advisories) जारी किए हैं. कंपनियों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने वाहन के यूजर मैनुअल को ध्यान से पढ़ें या डीलरशिप पर जाकर यह सत्यापित करें कि उनकी कार का इंजन E20 (20% एथनॉल और 80% पेट्रोल) मिश्रण को झेलने के लिए तैयार (कम्पैटिबल) है या नहीं.

इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल इस्तेमाल करने से डर, मेरी मर्सिडीज़ का माइलेज कम हुआ: यूट्यूबर सौरव जोशी

सौरव जोशी ने कहा कि E20 फ्यूल से उनकी मर्सिडीज़ का माइलेज कम हो गया

सरकार और उद्योग जगत का पक्ष; सुप्रीम कोर्ट में याचिका

भारत सरकार पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और कच्चे तेल के आयात बिल में कटौती करने के उद्देश्य से देश भर में E20 ईंधन के विस्तार को तेजी से बढ़ावा दे रही है. सरकारी अधिकारियों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का तर्क है कि भारत स्टेज-6 (BS6) फेज-2 के मानकों के तहत निर्मित सभी आधुनिक वाहन इस एथनॉल मिश्रण को आसानी से संभालने के लिए ही डिजाइन किए गए हैं.

इसके विपरीत, आलोचकों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की कमी और जनता के बीच जागरूकता के अभाव के कारण देश के करोड़ों पुराने वाहन मालिकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इस बीच, E20 ईंधन मानकों के बेहतर क्रियान्वयन, व्यापक जन जागरूकता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिस पर आने वाले समय में नीतिगत दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2026 01:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).